आत्मविश्लेषण (Introspection)

Atmavishleshan Self Introspection Article in Hindi

आज के समय हर व्यक्ति में अव्यवस्था, मानसिक तनाव और अंतर्मन की शांति का अभाव देखने को मिलता है। कोई भी व्यक्ति थोड़ी सी ज्यादा बात होने पर जुंझला जाता है, उनकी सहन शक्ति और समझने की शक्ति जैसे खत्म सी लगती है। इसका वास्तविक कारण हम सोचे तो पाएंगे की व्यक्ति अपना आत्मविश्लेषण नहीं करता है।

आत्मविश्लेषण का तात्पर्य – स्वयं का मूल्यांकन करना अर्थात अपने स्वयं के कार्यों का मापन।

एक व्यक्ति रात को सोने से पहले अपने दिनभर की रूटीन को एक बार रीप्ले (Replay) कर के देखे कि :-

१. आज मैंने कौनसे कार्य को कितना वक़्त दिया?
२. कौनसा कार्य पूरे मन से किया और कौनसा कार्य टालमटोल किया।
३. मेरे किस काम से किसको फायदा हुआ और किस को क्या नुकसान हुआ।
४. मैंने अपने हर रिश्तें के साथ कितनी ईमानदारी और कर्त्तव्य निष्ठा दिखाई।
५. आज किस किस के चहरे पर मै एक मुस्कान लाया?
६. मैंने अपने कार्य पूर्ति मै किसी का दिल तो नहीं दुखाया?
७. आज किसने मुझे क्या सलाह दी, और मैंने कोनसी सलाह को माना और किसको नहीं? उन सलाहों का अपने द्रष्टिकोण से विश्लेषण करना।

इन सब चिंतन के पश्चात् अगर अपने किसी व्यवहार / कार्य से किसी को तकलीफ दी है तो उनसे माफ़ी माँगना और अच्छा हुआ है अपने किसी कार्य से तो, प्रभु का शुक्रिया अदा करना। अपने कर्त्तव्य और अधिकार का विश्लेषण करके सोना, इस संकल्प के साथ कि जो गलतिया आज की है वह कल वापस नहीं होगी और आज के दिन के लिए प्रभु का शुक्रिया अदा करना।

इस तरह का आत्म विश्लेषण हर व्यक्ति को एक अच्छी सुबह और अच्छी मानसिक स्थति देगा। सबसे बड़ी बात अन्तर्मन की शांति मिलेगी जो व्यक्ति को सही निर्णय लेने मै सहायक होगी।

कहते है ना Free Mind में आदमी की सोच ज्यादा Creative होती है। So Be A Creative One…..


English Summery: Atmavishleshan, Self Introspection Article in Hindi by Shweta Jhanwar, Sakaratmak Vichar, Motivational Articles For Students, Male, Female, Boys and Girls & Peoples in Hindi Language.

Writer Shweta Jhanwar Bhilwara

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comments
  • Respected Sir/Madam. I gracefully like your feelings I wish to God that he will gives u good Health,Wealth,Peace,& Prosperity in your life may God give u more Success,support in all over the world.Bottom line is I like your Introspection article.

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