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दो लघु कथाएँ – अन्‍नदाता का अधिकार & वे चार।

कथा 1 - अन्‍नदाता का अधिकार मिश्राजी अपने दोस्‍त के यहां आए थे। उनकी बेटी से बोले- 'बेटा अब एमबीबीएस कंप्‍लीट होने के बाद आपको सरकारी अस्‍पताल में जॉइनिंग मिल गई है। पोस्टिंग कहां हुई है?'" ग्राम

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दो कहानी – 1. पालनहार की जीत, 2 कोई अंतर नहीं

कहानी 1. - पालनहार की जीत मां और उसकी दो लड़कियां। दोनों बहनें वयस्‍क। बड़ी बहन ने जब अपने मनपसंद लड़के से शादी की ली तो मां को नागवार लगा। वह लड़का उन्‍हें ठीक नहीं लगा था। तभी से वे बड़ी बेटी से दु

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यह रिश्ता क्या कहलाता है?

यह कहानी नहीं एक सच्चाई है, आज के रिश्तों की..एक व्यक्ति रामकिशन जिसने 14 साल की उम्रः से एक छोटे से किराना के काम से व्यवसाय शुरू किया। पिता की मृत्‍यु चूँकि पहले ही हो चुकी थी, उनके नाना ने उन्ह...

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नसीहत – लघुकथा

नसीहत मुंबई स्‍टेशन पर खड़ी ट्रेन का इंजतार कर रही थी। मैं प्‍लेटफॉर्म पर बैठी पत्रिका पढ़ने का प्रयास कर रही थी। एक बच्‍चे की गिड़गिड़ाहट ने तन्‍मयता भंग की। सुबू को भूक्‍खा हैं मेम साब! पेट के वास...

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एक छोटा बच्चा लोगों से भीख मांग रहा था!!

सड़क किनारे एक छोटा बच्चा बहुत गंदे और फटे हुए कपड़े पहने आते जाते लोगों से भीख मांग रहा था। ठंड से बचने के लिए उसके पास एक पुराना फटा हुआ जूट का वोरा था, जो लोगों को पास आता देख वह अपने ऊपर से हटा देता...

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घर मे कोई नही है! प्रेरणादायक कहानी

शाम को दफ़्तर से घर आते समय देखा कि एक छोटा-सा बोर्ड रेहड़ी की छत से लटक रहा था जिस पर मार्कर से लिखा हुआ था:घर मे कोई नही है, मेरी बूढ़ी माँ बीमार है, मुझे थोड़ी-थोड़ी देर में उन्हें खाना, दवा और हाजत

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पढे़ं दो लघुकथाएं असली चेहरा और ज्ञान!

असली चेहरा! अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर सोसाइटी की चार वायोव़द्ध महिलाओं को संमानित करके सोसाइटी के सचिव भरत जी ने तमाम महिलाओं के मन में अपनी एक खास जगह बना ली थी। अपने उद्बोधन में जब उन्‍होंने कहा

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बासी रोटी! – हृदय को छूने वाली एक छोटी कहानी!

रात के दो बजे एक कुत्ता झोपड़ी के आगे उदास बैठा था!दूसरा कुत्ता आया और बोला:- रोज तो खूब भौकता है, आज चुप क्‍यों बैठा है?उदास कुत्ता बोला:- रोटी तो कई बार नहीं मिलती है.... सामने वाली उस झोप

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गूंज – लधु कथा!

बीती रात तनाव भरी गुजरने की वजह से सुबह आंख करीब दस बजे खुली। बच्‍चे कॉलेज जा चुके थे। बॉस के शब्‍द अभी भी उसके कानों में गूंज रहे थे '' प्रकाश जी आप आदमी हैं या गधे, एक काम आपसे ढंग से नही होता!'' उ

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किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें!

एक समय की बात है...एक सन्त प्रात: काल भ्रमण हेतु समुद्र के तट पर पहुँचे...समुद्र के तट पर उन्होने एक पुरुष को देखा जो एक स्त्री की गोद में सर रख कर सोया हुआ था!पास में शराब की खाली बोतल पड़...

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