GyanJagat.com ने आपके लिए बहुत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक, कहानियों का विशाल संग्रह किया है जिन्हे पढ़ कर आपको आप के जीवन में एक नई दिशा और गति प्रदान कर सकती है। आप खुद पढ़े और अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ भी शेयर करें।

एक नौजवान चीता पहली बार शिकार करने निकला… अभी वो कुछ ही आगे बढ़ा था कि एक लकड़बग्घा उसे रोकते हुए बोला “अरे छोटू, कहाँ जा रहे हो तुम?” “मैं तो आज पहली बार खुद से शिकार करने निकला हूँ “, चीता रोमांचित होते हुए बोला! हा-हा-हा लकड़बग्घा हंसा और बोला अभी तो तुम्हारे खेलने-कूदने
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अगर एक छिपकली ऐसा कर सकती है, तो हम क्यों नहीं कर सकते? ये जापान में घटी सच्ची घटना है। जापान में एक व्यक्ति अपने घर को तोड़ कर दोबारा बनवा रहा था। जापान में घरों में लकड़ी की दीवारों में आमतौर पर खाली जगह रहती है। जब उस घर की दीवारों को तोड़ रहे
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किसी गाँव में दो साधू रहते थे, वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गाँव में आंधी आ गयी और बहुत जोरों की बारिश होने लगी, दोनों साधू गाँव की सीमा से लगी एक झोपडी में निवास करते थे, शाम को जब दोनों वापस पहुंचे तो देखा कि आंधी-तूफ़ान
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एक गरीब परिवार में एक सुंदर सी बेटी ने जन्म लिया, बाप दुखी हो गया बेटा पैदा होता तो कम से कम काम में तो हाथ बटाता, उसने बेटी को पाला जरूर, मगर दिल से नही वो पढने जाती थी तो ना ही स्कूल की फीस टाइम से जमा करता, और ना ही कापी किताबों
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एक स्कूल में टीचर ने अपने छात्रो को एक कहानी सुनाई और बोली एक समय की बात है की एक छोटे समुद्री जहाज पर पति पत्‍नी का एक जोड़ा सफर कर रहा था, जहाज बीच समुद में जाकर दुर्घटना ग्रस्त हो गया और डूबने लगा, उन्होने देखा की जहाज पर एक लाइफबोट है पर उसमें
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एक आश्रम में गुरू और शिष्‍य रहते थे। एक दिन शिष्‍य गुरू के पास आया और बोला कि एक व्‍यक्ति आश्रम में आया है आैर वह अपनी भैसों को कुछ समय के लिए हमारे आश्रम में भैसों को छोडना चाहता है गुरूजी ने शिष्‍य की बात सुनकर बडे शांत मन से कहा कि चलो अच्‍छा
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बुद्ध ने 32 कुरूपताएं शरीर में गिनायी हैं, इन बत्तीस कुरूपताओं का स्मरण रखने का नाम कायगता-स्मृति है। पहली तो बात, यह शरीर मरेगा। इस शरीर में मौत लगेगी। मां के गर्भ में तुम कहां थे, तुम्हें पता है? मल-मूत्र से घिरे पड़े थे, उसी मल-मूत्र से तुम्हारा शरीर धीरे-धीरे निर्मित हुआ और उसी मल-मूत्र
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