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Karva Chauth Poems Kavita By Prabha Parik in Hindi
Kavitayen

करवा चौथ – कविता!

सुन सखी एक बात सुनाऊॅं
आज मैं करवा चौथ मनाऊँ
मैंने घर संसार बसाया,
एक घरौंदा प्‍यारा पाया
पिया ने मुझको ये सुझाया
एक सुंदर संगीत सुनाया

मै भी करवा चौथ करूंगा
तेरे प्‍यार की थाली भर कर
मैं चंदा का ध्‍यान करूंगा
मेरे प्‍यार और तेरी प्रीत की

करवा चौथ निराली होगी
तेरे हाथों में विश्‍वास, धैर्य
मेरे हाथ में तेरी जीत की
एक भरी-पूरी थाली होगी

अपनी इच्‍छाओं की बली देकर
कुचले अरमानों के बल पर
अपनी गरिमा के ही बल पर
दाम्‍पत्‍य के धागे जोड़ कर

तुमने जीत लिया मेरा मना
मै तुझ पर बलिहारी जाऊं
ऐसी करवा चौथ मनाऊं

सहयोगी बन साथ निभाऊं
सुख शांति का संकल्‍प उठाऊं
तुझको हर मान दिलाऊं
ऐसी करवा चौथ मनाऊं

– प्रभा पारीक


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