Kavitayen

करवा चौथ – कविता!

सुन सखी एक बात सुनाऊॅं आज मैं करवा चौथ मनाऊँ मैंने घर संसार बसाया, एक घरौंदा प्‍यारा पाया पिया ने मुझको ये सुझाया एक सुंदर संगीत सुनाया मै भी करवा चौथ करूंगा तेरे प्‍यार की थाली भर कर मैं चंदा

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माँ की ममता है सबसे न्‍यारी!! (कविता)

!!! माँ !!! माँ की ममता है सबसे न्‍यारी, है हम सबकी माता प्‍यारी।। हम सब का ख्‍याल है रखती, इसीलिए प्रथम गुरू कहलाती हमेशा अच्‍छी बातें बातें बताती सद् मार्ग का राह दिखाती कभी ना आँसू आने देती ...

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गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नहीं आयेगा! (कविता)

गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नही आयेगा, जो यादे हे दिलो में छुपालो, बिता हुआ वक़्त इन्हें उड़ा ले जायेगा, हर वक़्त को जियो अपना समझ कर, हर हँसीन ख्वाब देखो भले ही सपना समझकर, हर समाँ फिर वक़्त की ओट में ...

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दोस्ती कहने में एक शब्दः है! (कविता)

दोस्ती कहने में एक शब्दः है.. पर हर इंसान का सबसे करीबी रिश्ता है...दोस्ती सिर्फ शब्दः नहीं जिसका मै अर्थ बता सकू... दोस्ती कोई चीज़ नहीं जिसे मै दिखा सकू...दोस्ती है दिल का रिश्ता, जो हर रिश...

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प्रकृति हमें देती है सब कुछ… (कविता)

प्रकृति हमे देती है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे...सूरज हमे रौशनी देता, हवा नया जीवन देती है... भूख मिटने को हम सबकी, धरती माँ अन्न देती है...पथिको को ताप्ती धुप में, पेड़ सदा देते ह छाया फ...

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