जानें वायरल फीवर का घरेलू उपचार!

Viral Fever Treatment at Home in Hindi

जानें वायरल बुखार का घरेलू उपचार

वर्तमान में अभी मौसमी बुखार से पूरा प्रदेश ग्रसित है। इस वायरस का प्रभाव समाप्‍त होने के बाद होता है। इसमें आयुर्वेद के अनुसार शरीर में कफ पित का प्रकोप होता है। जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और मानव मौसमी बुखार (वायरल) की चपेट में आ जाता है। इस बुखार में फ्लू, जुकाम, विषम ज्‍वर के मिले जुले लक्षण सामने आते हैं। यह काफी कष्‍टदायक बुखार है। शरीर को कमजोर कर देता है और अक्‍सर परिवार में 50 प्रतिशत सदस्‍य इस वायरल के प्रभाव में आ जाते है।

लक्षण (Viral Fever Ke Lakshan / Symptoms):-

एक से चार दिन के भीतर कम्‍पन्‍न के साथ या बिना कंपन के तेज बुखार आ जाता है। पूरे शरीर मे खासकर सिर, पीठ, हाथ-पैरों और कंधों में दर्द होने लगता है। नाक से पतला द्रव्‍य बहने लगता है। गले में बार-बार खराश की शिकायत रहती है। पसलियों में दर्द होने के अलावा उल्‍टी और जी मिचलने जैसा मन होता है। खांसी आने लगती है। कभी-कभी दस्‍त या कब्‍ज की शिकायत भी होती है। पानी की प्‍यास बढ़ जाती है और पेट में दर्द होने के साथ पसीने आता हैं।

बचाव (Viral Fever Se Bachao / Precautions):-

घर से बाहर निकलें तो सरसों के तेल की बूंदें नाक में लगाकर निकलें। ठंडा पेय न पीएं। बाहर से आएं तब हाथ-पैर साबुन से धोने के बाद भोजन करें। नहाते समय पानी में डिटोल या नीम के पत्‍तें को उबालकर पानी की बल्‍टी में डालकर नहाएं। सोते समय दो नग तुलसी पत्‍ता दूध में डालकर पीएं।

जानें घरेलू उपचार जोधपुर के बैद्य बंकट लाल पारीक से:-

उपचार (Viral Fever Ka Gharelu Upchar):-

गर्म दूध में दो ग्राम हल्‍दी, तुलसी के पत्‍ते छोटे 3 नग, सौंठ एक चुटकी पीसकर मिलकर पी लें।

सफेद जीरा 5 ग्राम, 10 ग्राम काला जीरा, बीज रहित मुनक्‍का 2 ग्राम सबको पीसकर 9 गोली बना लें। तुलसी के पत्‍ते 6 नग, नीम के पत्‍ते 6 नग पीसकर चार गोली बना लें। दिन में एक-एक गोली दो बार 5-7 दिन तक लें।

नीम की कोपल 7 नग, काली मिर्च 5 नग पीसकर गुनगुने पानी से 3 बार 3 दिन तक लें।

नींबू के दो टुकड़े करके एक टुकड़े में 5 काली मिर्च पीसकर नींब में डालकर गर्म करें, दिन में दो बार चूसें।

तुलसी का रस आधा चम्‍मच, शहद एक चम्‍मच मिलाकर दिन में जीन बार लें।

सुदर्शन गनवटी, मृत्‍युंय रस, ज्‍वरमुरारी, गोदन्‍तीभस्‍म, प्रवाप्ष्टिी, कामदुधारस, त्रिभुवनकीर्तिरस, वासरिष्‍ट, चित्रकहरिटकी और गियेसत्‍व आदि

चावल-मूंग की खिचड़ी, दलिया, थुली पतली, गेहूं की रोटी, मसूर की दाल और नींबू की चाय पीएं। दूध में मुन्‍क्‍का उबलकर या लहसून की चटनी, सेव, पपीता और अनार आदि दे सकते है। पानी 5 लीटर उबालकर ठंडा कर उसमें 5 नग तुलसी के पत्‍ते, दो लौंग पानी में डाल दें। इस पानी को दिनभर पीएं।

परहेज (Food to Avoid During Viral Fever):-

दही, छाछ, बर्फ की चीजें, केला और गरिष्‍ट जो पचने में भारी हो वे चीजें न खाएं। तलाभुना, मसालेदार और बासी चीजें खाने से बचें।


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