Tuesday, October 16
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Waqt Ke Sath Rishte Kiase Badal Rahe Hai
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वक्त के साथ रिश्ते कैसे बदल रहे हैं! आइए एक नजर डालें!

1. जहां पहले माँ पिता के चरणों में स्वर्ग होता था। आज वहां माता पिता घर में बोझ लगते है। बच्चों को उनका होना उनकी आजादी में रुकावट लगती है।

२. जहां पहले बेटियां पिता के सामने नजरे झुका के बात करती थी। आज नजर उठा के जवाब देना अपनी मोर्डेन सोच बोलती है!

३. जहां पहले बेटा हर जरुरी फैसला पिता के तजुर्बे से लेता था। आज वही बिना घर में बताये अकेले निर्णय लेना अपना आत्मविशवास बोलता है!

४. जहां पहले बहुएें घुंघट निकाल कर अपनों को सामान देती थी। आज उसे रूढ़िवादी बोलते है! और पेंट शर्ट पहनना मोर्डेन कल्चर!

५. जहां पहले छोटे बच्चे दादा-दादी की कहानियाँ सुनकर सोते थे। आज वीडियो गेम खेल कर सोते है, उनके माता पिता इतने व्यस्त रहते है की नौकरानी उन बच्चों की माँ बन के पालती है!

जैसा प्यार आज के माता पिता बच्चों को देते है,
वही.. बच्चे उनको वृद्धवस्था में वृद्धा आश्रम छोड़ के आते है!
जवानी में उन्हें अपने बच्चे के लिए टाइम नहीं था!
बुढ़ापे में बच्चों को उनके लिए टाइम नहीं!

यह प्रकृति है, जो जैसा देते है, प्रकृति वही वापस देती है!
अच्छे के लिए अच्छा और बुरे के लिए बुरा।
यह ही तो वक़्त है…
बदलते रंगो का… बदलते रिश्तों का… बदलते विचारों का…


Writer Shweta Jhanwar Bhilwara

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English Summery: Waqt Ke Sath Rishte Kiase Badal Rahe Hai, Relationships are Changing with The Times Best Sayings Thoughts in Hindi By Shweta Jhanwar



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