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इन बजहों से अच्‍छी होती है ग्रीन टी!

इन बजहों से अच्‍छी होती है ग्रीन टी!

Health Care
एंटी ऑक्‍सीडेंट्स से भरी ग्रीन टी कोलेस्‍ट्रोल और ब्‍लड प्रेशर को कम करने में मदद करती हैं। सेहत के प्रति सजग रहने वाले लोग ग्रीन टी का सेवन विशेष रूप से करते हैं। यह शरीर के लिए कई तरह से लाभकारी होती है। गीन टी में पॉलीफिनॉल्‍स भरपूर मात्रा में होता है। पॉलीफिनॉल्‍स असल में एंटी ऑक्‍सीडेंट्स एवं एंटी इंफ्लेमेटरी होते हैं। मधुमेह रोगियों के लिए ग्रीन टी को बहुत उपयोगी बताया गया है। इसके अलावा ग्रीन टी वजन कम करने में भी सहायक होती है। दिल के रोगियों को भी ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। जानते हैं ग्रीन टी से मिलने वाले स्‍वास्‍थ्‍य लाभ:- स्‍किन इंफलेमेशन में त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए ग्रीन टी का सेवन लाभकारी है। यह सोरायसिस एवं डेंड्रफ की समस्‍याओें को दूर करने में मददगार हो सकती है। कुछ एनिमल स्‍टडीज से सामने आया है कि इंफ्लेमेटरी स्‍किन डिजीज से त्‍वचा में रूखापन, लाल ह
मिटाएं अपने चेहरे के गड्ढ़े!

मिटाएं अपने चेहरे के गड्ढ़े!

Beauty Tips
चेहरे पर गड्ढे हैं तो परेशान न हों। इन घरेलू नुस्‍खों को अजमाएं। इनसे आपके ये गड्ढे भर जाएंगे। बेसन का इस्‍तेमाल चेहरे पर बने गड्ढों को भरने के लिए बेसन कारगर माना जाता हैं। दूध, बेसन और नींबू का रस लेकर इन तीनों को अच्‍छी तरस से मिला लीजिए। इस पेस्‍ट को अपने चेहरे पर लगाएं। इसे आधा घंटे तक सूखने दें और पेस्‍ट के सूखने तक मुंह ना चलाएं। फिर आधा घंटे बाद ठंडे पानी से धो लें। नींबू और शहद तीन-चार बूंद नींबू के रस को शहद के साथ मिला लें। अब इस पेस्‍ट को अपने चेहरे पर लगा लें। कुछ समय के लिए इस पेस्‍ट को चेहरे पर ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और ड्राई होने के बाद चेहरे को पानी से धो लें। दही-नींबू एक कटोरी दही में नींबू के रस को मिलाकर उसका पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को चेहरे पर लगाएं। दालचीनी एक बाउल में दालचीनी पाउडर और शहद को मिलाएं। अब इस पेस्‍ट को चेहरे के गड्ढे पर लगा लें और फिर उसे
रोजक जानकारी – कहां से आई सांप-सीढ़ी!

रोजक जानकारी – कहां से आई सांप-सीढ़ी!

General Knowledge
बचपन में सांप-सीढ़ी का खेल हम सभी ने खेला है। लेकिन कभी ये सोचा है कि ये खेल आया कहां से? सांप-सीढ़ी सबसे पुराने खेलों में से एक है। अधिकतर लोगों का मानना है कि ये खेल विदेश से आया है। ये कितना सही है और कितना नहीं, जानते हैं सांप-सीढ़ी के रोजक इतिहास के बारे में। ऐसे हुई सांप-सीढ़ी  की शुरूआत प्राचीन भारत में इस खेल को 'मोक्षपट या मोक्ष पटामु' के नाम से जाना जाता था। ये खेल दूसरी शताब्‍दी ईसा पूर्व से खेला जाता रहा है। हालांकि ये भी माना जाता है कि स्‍वामी ज्ञानदेव ने इस खेल को 13 वीं शताब्‍दी में बनाया था। तब इस खेल का उद्देश्‍य बच्‍चों को कर्म और काम की शिक्षा देना था। सीढि़यां अच्‍छे कर्म को दर्शाती थीं औश्र सांप बुरे कर्म को दर्शाते थे। इनमें सांपों की संख्‍या सीढि़यों से अधिक होती है। अगर आप खेल के आखरी पायदान 100 पर पहुंच गए तो इसका मतलब है कि आपको मोक्ष प्राप्‍त हो गया । सांप-सी
दो लघुकथाएँ “मालिक” और “प्रेम के मायने”

दो लघुकथाएँ “मालिक” और “प्रेम के मायने”

Stories
लघुकथा - मालिक किसान 'ज़मीदार' होता है, ज़मीन का मालिक। लेकिन इसका अहसास कितने लोगों को होता है ?नत्‍थूराम के दोनों बेटे क़ाबिल थे। बड़ा बेटा रोहित एम.ए. करने के पश्‍चात प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। छोटे बेटे पंकज की इसी वर्ष बी.एस.सी. पूर्ण हो गई थी। नत्‍थूराम एक मेहनती किसान है। अच्‍छी-खासी कृषि योग्‍य भूमि, अपना मकान, पशु सब कुछ था। दोनों पुत्र बाहरी मन से खेती में उसका सहयोग करते। काफी कह-सुन कर नत्‍थूराम दोनों लड़को को अपने साथ खेतों में काम करवाता।'पिताजी, मैं कल सुबह शहर जा रहा हूं। मेरे दोस्‍त के पिता ने फैक्‍ट्री में बात करली है। मल्‍टीनेशनल कंपनी है। दवाइयां बनाजी है। अभी तनख्‍़वाह कम है, पर बता रहे हैं कि फैक्‍ट्री में तनख्‍़वाह बड़ी तेजी से बढ़ती है' पंकज अत्‍यंत उत्‍साहित था।रात्रि को नत्‍थूराम के पूरे परिवार ने भोजन किया। भोजन करने के उपरान्‍त नत्‍थूराम
मदद का जज्‍़बा इसे कहते है ”सीख सुहानी”-

मदद का जज्‍़बा इसे कहते है ”सीख सुहानी”-

Stories
उस दिन की यात्रा के उन दो मिनट की बातचीत ने मेरी जि़ंदगी को नया नज़रिया दे दिया। मदद के मायने मैंने जाने। मैं ऑफिस बस से ही आती जाती हूँ। ये मेरी दिनचर्या का हिस्‍सा है। उस दिन भी बस काफी देर से आई, लगभग आधे-पौने घंटे बाद। खड़े-खड़े पैर दुखने लगे थे। पर चलो शुक्र था कि बस मिल गई। देर से आने के कारण भी और पहले से ही बस काफी भरी हुई थी। बस में चढ़कर मैंने चारों तरु नजर दौड़ाई पाया कि सभी सीटें भर चुकी थी। उम्‍मीद की कोई किरण नजर नहीं आई। तभी एक मजदूरन ने मुझे आवाज लगाकर अपनी सीट देते हुए कहा 'मेडम आप यहां बैठ जाइए'। मैंने उसे धन्‍यवाद देते हुए उस सीट पर बैठकर राहत की सांस ली। वो महिला मेरे साथ बस स्‍टॉप पर खड़ी थी तब मैंने उस पर ध्‍यान नहीं दिया था। कुछ देर बाद मेरे पास वाली सीट खाली हुई, तो मैंने उसे बैठने का इशारा किया। तब उसने एक महिला को उस सीट पर बिठा दिया जिसकी गोद में एक छोटा बच्‍चा
सर्दी के मौसम में सूप जरूर पीएं!

सर्दी के मौसम में सूप जरूर पीएं!

Health Care
हमें अपने खानपान में पौष्टिक चीजों को अहमियत देनी चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि हमारे रूटीन के खानपान में पौष्टिक तत्‍व शामिल हों। खानपान में एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह मौसम के मुताबिक होना चाहिए। मौसम के अनुसार खानपान हमारे लिए अधिक फायदेमंद होता है। सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में हमें भी सर्दी से जुड़े खानपान पर ध्‍यान देना चाहिए। सर्दी के खानपान में सूप को भी प्राथमिकता से शामिल करना चाहिए। सूप हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी फायदेमंद होता है। स्‍वीट कॉर्न सूप स्‍वीट कॉर्न सूप न्‍यूट्रीएंट्स और एंटीऑक्‍सीडेंट्स तत्‍वों से भरपूर होता है। यह सूप हार्ट आर्टरीज के ब्‍लॉकेज दूर करने में मददगार होता है। हाइपर टेंशन को कम कर साइलेंट हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है। फेफड़ों को स्‍वस्‍थ रखने में मददगार होता है। सांस संबंधी समस्‍याओं में राहत देता है। मस्तिष्‍क की नसों क
बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 61 से 80 तक उत्तर सहित

बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 61 से 80 तक उत्तर सहित

Paheliyan / Riddles
देखें बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 61 से 80 तक उत्तर सहित61) न सीखा संगीत कहीं पर, न सीखा कोई गीत, लेकिन इसकी मीठी वाणी में, भरा हुआ संगीत, सुबह सुबह ये करे रियाज, मन को भाती इसकी आवाज, बताओ क्या?Click here to know Answer!Answer: कोयल!62) आगे 'प' है मध्य में भी 'प', अंत में इसके 'ह' है, कटी पतंग नहीं ये भैया, न बिल्ली चूहा है, वन में पेड़ों पर रहता है, सुर में रहकर कुछ कहता है, बताओ क्या?Click here to know Answer!Answer: पपीहा!63) नोच-नोच कर खाता मांस, जीव है दुनिया का ये खास, दो अक्षर का छोटा नाम, लेकिन इसका मोटा काम, उड़ता रहता सुबह शाम, बताओ क्या?Click here to know Answer!Answer: गिद्ध!64) एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर उल्टा धरा, चारों ओर फिरे वो थाल, मोती उससे एक ना गिरे, बताओ क्या?Click here
बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 41 से 60 तक उत्तर सहित

बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 41 से 60 तक उत्तर सहित

Paheliyan / Riddles
देखें 21 से 40 तक की हिंदी पहेलियाँ उत्तर सहित41) एक थाल उल्टा है पड़ा, चमकते मोतियों से है जड़ा।Click here to know Answer!Answer: आसमान!42) बेशक न हो हाथ मे हाथ, पर जीता है वो आप के साथ, बताओ क्या?Click here to know Answer!Answer: परशाई!43) सबके ही घर ये जाये, तीन अक्षर का नाम बताए, शुरु के दो अति हो जाये, अंतिम दो से तिथि बन जाये!Click here to know Answer!Answer: अतिथि!44) मध्य कटे तो बनता कम, अंत कटे तो कल, लेखन में मैं आती काम, सोचो तो क्या मेरा नाम,Click here to know Answer!Answer: कलम!45) वह कौन सी चीज़ है जो एक जगह से दूसरी जगह जाती तो है, पर अपनी जगह से हिलती नहीं? बताओ?Click here to know Answer!Answer: सड़क या रास्ता46) एक कुंए में 9 मेंढक थे, एक म
बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 21 से 40 तक उत्तर सहित

बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 21 से 40 तक उत्तर सहित

Paheliyan / Riddles
देखें 21 से 40 तक की हिंदी पहेलियाँ उत्तर सहित21) काली काली माँ, लाल लाल बच्चे, जिधर जाए माँ, उधर भागे बच्चे!Click here to know Answer!Answer: रेलगाड़ी22) काटते हैं पीसते हैं, बाँटते हैं पर खाते नहीं!Click here to know Answer!Answer: ताश के पत्ते23) वह कौन सी चीज़ है, जो हमेशा दौड़ती है, कभी चलती नहीं?Click here to know Answer!Answer: इंजन!24) काला मुंह लाल शरीर, कागज़ को वो खा जाता, रोज़ शाम को पेट फाड़कर कोई उन्हें ले जाता!Click here to know Answer!Answer: लेटर बॉक्स!25) तीन अक्षर का मेरा नाम, मेरी है सीमा अपार, मुझपे चलते वाहन अनेक, जल का हूँ मैं भंडार! बताओ क्या?Click here to know Answer!Answer: सागर26) चार और चार मिलकर कब आठ से ज्यादा बनते हैं?
बूझो तो जानें हिंदी पहेलियाँ 1 से 20 तक उत्तर सहित

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Paheliyan / Riddles
अपने बच्चों के साथ मज़ा ले इन पहेलियों के साथ उनसे पूछे और उत्‍तार का इंतजार करें। अगर वह जवाब न दे पाये तो हम पहेली का जवाब भी दे रहे है।1) तीन अक्षर का उसका नाम, उल्टा-सीधा एक समान, आवागमन का प्रमुख साधन, बोलो बच्चो उसका नाम?Click here to know Answer!Answer: जहाज!2) लंबा तन और बदन है गोल, मीठे रहते मेरे बोल, तन पे मेरे होते छेद, भाषा का मैं न करूँ भेद!Click here to know Answer!Answer: बांसुरी!3) कर बोले कर ही सुने, श्रवण सुने नहीं थाह, कहें पहेली बीरबल, बूझो अकबर शाह!Click here to know Answer!Answer: नब्ज़!4) पूंछ कटे तो सीता, सिर कटे तो मित्र, मध्य कटे तो खोपड़ी, पहेली बड़ी विचित्र!Click here to know Answer!Answer: सियार!5) प्रथम कटे तो दर हो जाऊं, अंत कटे तो बंद हो जाऊं, केला
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