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जानें क्‍या है मिशन शक्ति।

जानें क्‍या है मिशन शक्ति।

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आज भारत ने अर्थ ऑर्बिट में एक सैटलाइट को मार गिराया। अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर की दूरी पर सैटलाइट को मार गिराने के इस ऑपरेशन को 'मिशन शक्ति' नाम दिया गया था। ‘मिशन शक्ति’ की कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया में चौथी अंतरिक्ष महाशक्ति बन गया है, जिसके पास अंतरिक्ष में भी युद्धक क्षमता है।यह पराक्रम भारत में ही तैयार A-SAT मिसाइल द्वारा किया गया है।क्या है A-SAT मिसाइल ? (What is Anti Satellite Missile in Hindi)दुश्मन देश के सैटलाइट को निशाने पर रखा जा सकता है। अंतरिक्ष में किसी भी सैटलाइट को गिराया जा सकता है। धरती से कई किलोमीटर दूर ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। सामरिक सैन्य उद्देश्यों में इस्तेमाल सैटेलाइट को मार सकता है। किसी भी देश के कम्यूनिकेशन सिस्टम को खत्म किया जा सकता है। युद्ध के समय दुश्मन देश के सैटेलाइट को मार गिराया जा सकता है।लो अर्थ ऑर्बिट क्या है ? (Low Earth Orb
… परीक्षा ही तो है – Exam Tips in Hindi

… परीक्षा ही तो है – Exam Tips in Hindi

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जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आता है, बच्‍चों पर दिमागी दबाव बढ़ता जाता है। लेकिन उनका प्रदर्शन बेहतर तभी हो सकता है, जब वे बिना किसी दबाव के इसकी तैयारी करें। परीक्षा का टाइम टेबल देखते ही हर घर में मार्शल लॉ लागू हो जाती है। पूरी दिनचर्या तय कर दी जाती है कि बच्‍चा का उठेगा, कब खाएगा, कब खेलेगा, कब पढ़ेगा यहां तक की कब सोएगा भी। स्‍कूल की परीक्षा एक ऐसी घड़ील है जिससे बच्‍चों को सबसे ज्‍यादा डर लगता है। लेकिन सही योजना और सकारात्‍मक सोच के साथ परीक्षा की तैयारी की जाए तो कुछ हद तक डर कम किया जा सकता है। परीक्षा से पहले और उसके दौरान परीक्षार्थी कैसे तनाव से बच सकते हैं, आइए जानें... डरें नहीं, डटकर सामना करें। परीक्षा से तो सभी को डर लगाता है। लेकिन परीक्षा से जितना दूर भागेंगे, मन में उतना ही डर बढ़ता जाएगा। अगर डर को दूर भगाना है तो इनका डटकर सामना करें। अच्‍छी परीक्षा देने के लिए
अशांति का कारण – गहरी सोच का अभाव

अशांति का कारण – गहरी सोच का अभाव

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वर्तमान समय में इन्सान मन से सबसे ज्यादा अशांत है, वह हर समय किसी न किसी समस्या से गिरा रहता है मुख्य कारण है-गहरी सोच का अभाव। ज्यादातर घरो में लड़ाई झगड़ा, आपसी मतभेद एक आम समस्या है कारण छिछली सोच। हर सदस्य परिवार का सिर्फ ऊपरी तौर पर हल ढ़ूढ़ता है, कभी भी गहराई से चिंतन करके समाधान नहीं खोजता परिणामतः हर छोटी समस्या पर गुस्सा हो जाना आम बात हो गई और हर छोटी ख़ुशी में सेलिब्रेशन। घर का कोई मुखिया नहीं, सब परिवारजन अपने अपने मन की करने लगे।पुराने समय में परिवार के मुखिया गहरे पेठे (तल) वाले होते थे, वह हर सदस्य की समस्या सुनकर गहराई से विचार करके समाधान खोजते ताकि समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाये। वह कभी भी छोटी -२ समस्या में घबराहट नहीं दिखाते थे, बल्कि बिना CONFUSE हुए हर परिस्थिति में शांत रहते थे।किसी ने बहुत सूंदर कहा है :- " कह रहा है शोरे - दरिया से समंदर का सुकूत जिसका जितना
मनुष्य – जीवन के कुछ दोष!!

मनुष्य – जीवन के कुछ दोष!!

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मनुष्य - जीवन के कुछ दोष मनुष्य जीवन में कुसंगति, कुकर्म, बुरे वातावरण, खान-पान आदि अनेक कारणों से कई तरह के दोष आ जाते हैं, जो देखने में छोटे लगते हैं पर वे ऐसे होते हैं, जो जीवन को अशांत, दुखी बनाने के साथ ही उन्नति मार्ग को रुख देते हैं।ऐसे ही कुछ दोषों में से कुछ पर विचार करते हैं :-१. स्वार्थ सोच :- जब मनुष्य के विचार सिर्फ उस तक सिमित हो जाते हैं, तो वह मनुष्य स्वार्थी सोच वाला (सिमित छोटी सोच वाला) स्वतः बन जाता हैं। उसके विचारो में गन्दगी आने लगती है। "किस काम से मुझे लाभ होगा", "मेरी प्रॉपर्टी कैसे बढे", "मेरा नाम कैसे सबसे ऊंचा हो", ऐसी प्रकार के विचारो और कार्यो में वह लगा रहता हैं। "मेरे किस कार्य से किसको परेशानी होगी", "किसको क्या असुविधा होगी", किसके दिल को ठेस पहुंचेगी, इसका विचार करने की इच्‍छा स्वार्थी दिल में नहीं होती। ऐसा व्यवहार स्वतः ही उसके दुश्मन की संख्या
लड़कियों को हर पल चौकन्ना रहना होगा..!!

लड़कियों को हर पल चौकन्ना रहना होगा..!!

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लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढ़े.. तुम और वो लड़की रात के तीसरे पहर चैट कर रहे हो। बात करते करते तुम्हे कामुकता का अहसास होता है। तुम बिना सोचे बिना एक पल गवाए उससे फोटो की मांग कर देते हो। वो कहती है की वो नहीं दे सकती। तुम अपने जिद्द पर अड़े रहते हो। वो तुम्हे समझाने की कोशिश करती है। तुम उसे तुमपर यकींन करने को कहते हो। वो कहती है शादी के बाद देख लेना वो तुम्हारी ही तो है। तुम फिर भी नहीं मानते।फिर वो तुम्हे वेट करने को कहती है। तुम बड़े सब्र से इंतज़ार करते हो। फिर वो तस्वीरें भेज देती है। तुम खुश हो जाते हो। तुम उसे देख कर थोड़ी देर के ******** के बाद शांत हो जाते हो। अब वो तस्वीरें तुम्हे भद्दी लगने लगती है।फिर तुम अपने दोस्तों में रोब ज़माने के लिए उसकी तस्वीरें अपने दोस्तों को भेजते हो ये कह कर की वो देख कर डिलीट कर देंगे। लेकिन उनमे से कोई उसे कही और फॉरवर्ड कर दे
Maturity का सम्बन्ध आदमी की उम्र से नहीं, बल्कि…

Maturity का सम्बन्ध आदमी की उम्र से नहीं, बल्कि…

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Maturity का सम्बन्ध आदमी की उम्र से नहीं, बल्कि उसकी सोच से होता हैं।Maturity का meaning - परिपक्वता। --- Maturity Meaning in Hindi अर्थार्त ऐसा गुण जो अपने अन्दर अपने आस पास की अच्छाई और बुराई दोनों को पचा कर स्वयं अपना व्यव्हार अच्छा बनाये रख सके। परिपक्वता ऐसा गुण है जिसके तहत अपने आस पास मौजूद इन्सान की कमियां और अच्छाइयाँ जानकर भी उनके लिए बिना गलत सोचे, उनकी क्षमता का सही दिशा में उपयोग करे, बिना उनको नुक्सान पहुचाये।जैसे :- १. माता-पिता जिस रूप में मिले है, हमेंशा उनका सम्‍मान करें, बिना उनमें कोई कमी निकाले और बिना उन्‍हें बदले। हम उनकी उम्र के अनुसार कोई की हुई भूल बता सकते है, पर बिना गुस्‍सा किए।२. बच्चों को उनकी मासूमियत के आधार पर उनकी सोच को सही दिशा देने का प्रयत्न कर सकते है, उनका दोस्त बन कर। बजाय बहस और अपने बड़े होने का अहसास कराकर।३. पति-पत्नी के बीच एक
वसुधैव कुटुम्बकम – रश्मि किरण

वसुधैव कुटुम्बकम – रश्मि किरण

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वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है जहां एक और पूरी वसुधा अर्थात हमारी पृथ्वी को एक परिवार के रूप में बांध देता है वही यह भावनात्मक रूप से मनुष्य को अपने विचारों और कार्यों के प्रभाव को विस्तृत करने की बात कहता है। वसुदेव कुटुंबकम् हमारे हिंदू धर्म जिसे सनातन धर्म भी कहते हैं का मूल मंत्र है। हमारे धर्म में हीं नहीं यह हमारे भारतवर्ष के संस्कार का द्योतक है। विश्व के स्तर पर हम भारतीयों की विचारधारा का यह मूल है। वसुदेव कुटुंबकम् महा उपनिषद व कई अन्य ग्रंथों में लिखा हुआ है। इसका शाब्दिक अर्थ है धरती ही परिवार है। संसद भवन के प्रवेश कक्ष में भी यह लिखा हुआ है। महोपनिषद् अध्याय ४ श्लोक ७१ में यह इस प्रकार उद्धरित है:- "अयं बंधुरयं नेति गणना लघुचेतसाम् उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुंबकम्" अर्थात- यह मेरा बंधु है वह मेरा बंधु नहीं है ऐसा विचार या भेदभाव छोटी चेतना वाले व्यक्ति करते हैं। उदार चरित्र क
जूतों की दुर्गंध Lifestyle Tips in Hindi

जूतों की दुर्गंध Lifestyle Tips in Hindi

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• जूतों की दुर्गंध जूतों से आ रही बदबू को दूर करने के लिए आप वाइट विनेगर का प्रयोग कर सकती हैं। इसके लिए जूतों पर 50 प्रतिशत पानी और 50 प्रतिशत सफेद विनेगर का मिश्रण छिड़कें। इस मिश्रण का अपने जूतों की लाइनिंग औश्र सोल पर छिड़काव करें, फिर 30 मिनट के लिए हवा में सूखने के लिए छोड़ दें। इसके पश्‍चात जूतों में बेकिंग सोडा डालकर रातभर के लिए छोड़ दें। इससे आपके जूतों से दुर्गंध आने की समस्‍या दूर हो जाएगी।• अलमारी करें जब साफ अगर आप अपनी अलमारी को साफ रखना चाहती हैं तो सबसे पहले उन कपड़ो को निकाल लें, जिन्‍हें अब आपने पहनना बंद कर दिया है। उनमें से सही कपड़ों को जरूरतमंदों को दे दें। चाहें तो पुराने कपड़ों के प्रयोग से कुछ बना लें जैसे कि तकिए का कवर या कोई पर्दा आदि। इससे अलमारी आधी से ज्‍यादा व्‍यवस्थित हो जाएंगी। अब रोजमर्रा के कपड़ों को हैंगर में लगा दें। इससे कपड़ों की तय भी नहीं गड
फर्श पर बैठकर खाने के है कई फायदे

फर्श पर बैठकर खाने के है कई फायदे

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इससे आपका वजन नियंत्रण में रहता है, साथ ही बैठने और उठने से आपका व्‍यायाम भी हो जाता है। ऐसा नहीं है कि जमीन पर बैठकर खाने को बोल दिया गया तो किसी भी तरह से बैठकर खाना शुरू कर दें। सुखासन वाली मुद्रा में बिल्‍कुल सही तरीके से बैठने से ही ये सारे फायदे मिलते है। आज हम भले ही डाइनिंग टेबल पर या सामान्‍य कुर्सी और मेज पर बैठकर खाना खाने लगे हों लेकिन भारत में जमीन या फर्श पर बैठकर भोजन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। विदेशों में भले ही लेकिन हमारे यहां यह परंपरा पुरानी है। मगर आधुनिक बनने की होड़ ने हमें भी डाइनिंग टेबल पर खाना खाने की आदत डाल दी है। जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन पर बैठकर खाना खाने से सेहत को कई तरह के स्‍वासथ्‍य लाभ होते हैं। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, योग की मुद्रा में बैठने से पाचन क्रिया ठीक रहती है और बॉडी को एकदम सही पोश्‍चर मिल पाता है।आइए जानत
इन चीजों से घर चमकाएं!!

इन चीजों से घर चमकाएं!!

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केले के छिलके, ग्रीन टी के पाउच और नीबू का रस भी हो सकते हैं घर की चमक बढ़ाने में मददगार। अपने घर की सफाई करने के लिए आप महंगे से महंगे क्‍लीनर या लिक्विड लेकर आती हैं। लेकिन फिर भी आपको चीजें उतनी साफ नहीं लगती हैं जितना कि आप चाहती हैं तो एक बार घर में पड़ी तमाम घरेलू चीजों पर नजर दौड़ाए। जी हॉं, घर में पड़े केले के छिलके, ग्रीन टी के पाउच, कच्‍चा प्‍याज, कॉफी, चावल और नीबू के रस की मदद से आप घर की चीजों की चमक आसानी से बढ़ा सकती हैं। इससे आपके पैसों और चीजों को खरीदकर लाने में लगने वाले समय की बचत होगी। साथ ही घर में वेस्‍ट समझकर फेंक दी जाने वाली चीजें भी ठीक तरीके से यूटिलाइज हो पाएंगी। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में जो आपके घर की चमक को बढ़ा देंगे। नीबू से करें चीजों को साफ:-नीबू में पाया जाने वाला सिट्रिक एसिड प्राकृतिक ब्‍लीच की तरह कार्य करता है। अगर आप घर में पड़ी चीजो
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