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Hasya, Desh Bhakti, Mother – Father, Maa – Baap, Beti, Girl, Women, Nari Shakti Kavitayen in Hindi, हिन्दी कविता संग्रह, Best Collection of Poems in Hindi


ज़िंदा था जब मैं – रेणुका कपूर

ज़िंदा था जब मैं, तो किसी ने हाल न पूछा गम लिए रात भर, जगता रहा मैं क्या है ये मलाल न पूछा आँख भर आंसू लिए ,हँसता रहा मैं कोन सा लगा है…

मैं औरत हूँ – रेणुका कपूर

औरत मैं औरत हूँ, जी हाँ मैं एक औरत हूँ मैं खूबसूरत हूँ, मैं शिक्षित हूँ, मैं समझदार भी हूँ, मैं माँ हूँ, मैं पत्नी हूँ हाँ मैं वफादार हूँ, जी हाँ मैं वफादार…

दूसरों से क्यों उम्मीद करूँ मैं! – Renuka Kapoor

दूसरों से क्यों उम्मीद करूँ मैं खुद से ही क्यों न शुरुआत करू मैं खुद का ही क्यों न सम्मान करू मैं जो मुझे नहीं सही लगता क्यों किसी के कहने पर उसका गुणगान…

Renuka Kapoor Delhi

प्रकृति अब कहती है – Renuka Kapoor

यही प्रकृति अब कहती है अब बस, सांस मुझे भी लेने दो तुमको जीवन दिया है मैंने अब मुझको भी जीने दो अब सांस मुझे भी लेने दो। मेरी काया मेरी ही छाया। में…

Panch Tatvo Se Ye Kaya Bani Yoga Poem in Hindi

पांच तत्वों से ये काया बनी Yoga Poem in Hindi

Yoga Poem in Hindi पांच तत्वों से ये काया बनी भूमि, आकाश, हवा, पानी और अग्नि जो जाने इसके पीछे का ज्ञान सत्य है, उसका ही जीवन है धनी। योग स्वयं को जानने का…

Renuka Kapoor Delhi

“वो ज़माना अच्छा था” – Renuka Kapoor

“वो ज़माना अच्छा था” गर्मी की छुट्टियां, बिजली का चले जाना गली के नहीं पुरे मोहल्ले के दोस्तों का एक आवाज़ मैं चिल्लाना अच्छा था, अब कहाँ वो दिन दोस्तों, वो ज़माना अच्छा था,…

Renuka Kapoor Delhi

सफलता क्या कहलाती है- Renuka Kapoor

सफलता क्या कहलाती है एक नन्ही सी, चींटी की कोशिश, हमें यह बताती हैं, दाना लेकर नन्ही सी चींटी, जब अपने पथ पर जाती है, बहोत मुश्किलें आती हैं पथ पर। पर नहीं वह…

माँ क्या हैं ये तो आज तक!!

माँ क्या हैं ये तो आज तक कोई भी नहीं बता पाया हैं… हज़ारों जतन करके भी इस छोटे से लब्ज़ की अहमियत कोई लब्ज़ों में नहीं बयान कर पाया हैं.. प्यार और ममता…