Health Care

स्वास्थ्य सम्बन्धी सुझाव हिन्दी में, Health Care Tips in Hindi, Share With Friends and Family

चावल का पानी बालों को झड़ना रोकेगा स्किन बनाएगा मुलायम

चावल का पानी बालों को झड़ना रोकेगा स्किन बनाएगा मुलायम

Health Care
बालों की हर समस्‍या दूर करने के लिए चावल का पानी फायदेमंद है। जो लोग बालों के झड़ने या डैंड्रफ से परेशान हैं, वे इस पानी का इस्‍तेमाल करें तो लाभ होता है। बालों के लिए फायदे:- » पोषक तत्‍वों से भरपूर। चावल के पानी में मौजूद अमीनों एसिड से हेयर फॉल की समस्‍या दूर होती है। इस पानी में विटामिन-बी, सी और ई मौजूद है, जो बालों को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप बाल धोने के बाद चावल के पानी से एक बार फिर बालों को धो लें इससे कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा।» दो मुंहे बाल होंगे कम। इस मौसम में बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। ऐसे में आपके बालों को भरपूर मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। जो चावल के पानी में मौजूद रहता है। इससे दो मुंहे बालो की प्रॉब्‍लम भी दूर होती है।» शाइनिंग बढ़ाता है। बालों को चमहदार बनाने के लिए आप चावल के पानी का हेयर मास्‍क इस्‍तेमाल क
स्‍लीप योग- नींद पूरी लें, शरीर करता है अंदरूनी तंत्र की सफाई

स्‍लीप योग- नींद पूरी लें, शरीर करता है अंदरूनी तंत्र की सफाई

Health Care
प्रकृति के चक्र की तरह ही नींद का भी चक्र होता है। शरीर तय समय पर आराम चाहता है। नींद पूरी नहीं होने से थकान, चेहरे पर झुरियां, आंखों के नीचे काला घेरा, शरीर में दर्द, अपच, कब्‍ज, तनाव व वजन बढ़ने जैसी समस्‍याएं होती हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटती है।जब हम सोते हैं तो शरीर के अंदरूनी अंग विषाक्‍त पदार्थों को साफ करने का काम करते हैं। यही वजह है कि जब सुबह हम उठते हैं तो हल्‍का महसूस करते हैं। नींद सिर्फ अंदरूनी अंगों ही नहीं त्‍वचा को भी तरोताजा रखती है। उम्र के अनुसार नींद:- नवजात (0-3 माह) 14 से 17 घंटे घ्‍यान दें: 19 घंटे से ज्‍यादा न सोने दें।शिशु (4-11 माह) 12 से 15 घंटे जरूरी बात: 10 घंटे से कम व 18 घंटे से अधिक न सोने दें।बच्‍चा (1-2) 11 से 14 घंटे जरूर जानें: 9 घंटे से कम, 16 घंटे से अधिक नुकसानदेय।स्‍कूल पूर्व की उम्र (3-5 साल) 10 से 13 घंट
सर्दी के मौसम की स्‍वास्‍थ्‍य संबंध्‍ाी सलाह!

सर्दी के मौसम की स्‍वास्‍थ्‍य संबंध्‍ाी सलाह!

Health Care
बाइक से चलें तो हेलमेट के साथ मास्‍क भी लगाएं। सर्दी की शुरूआत में नमी से संक्रमण बढ़ता है। पसीना आना, ठंड लगना मौसमी बीमारी के मुख्‍य कारणों में से एक है। सर्दी-खांसी-जुकाम जल्‍दी होने लगाता है। युवा बाइक से चलें तो हेलमेट के साथ मास्‍क लगाएं। 5 साल से कम उम्र के बच्‍चों को नहलाने के बजाय उसे कपड़ा गीला कर पोंछें।इस मौसम में दिन-रात के तापमान का अंतर तेजी से कम हो जाता है। इस वजह से एलर्जी व वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, गला खराब होने जैसी दिक्‍कतें होती हैं। इसका सबसे ज्‍यादा असर अब युवाओं में देखने को मिल रहा है। उन्‍हें एलर्जी सहित कई शरीरिक समस्‍याएं होती हैं। बुजुर्गों में युवाओं की जुलना में रोग प्रतिरोधक क्ष्‍ामता कम होती है। ऐसे में उनमें खून की कमी, मधुमेह, हृदय संबंधी समस्‍या होने के कारण संक्रमण की आशंका ज्‍यादा रहती है। उच्‍च रक्‍तचाप से
रिसर्च स्‍टोरीज एंड एक्‍सपर्ट कमेंट!!

रिसर्च स्‍टोरीज एंड एक्‍सपर्ट कमेंट!!

Health Care
वायु प्रदूषण का इंसुलिन पर असर। लैंसेट प्‍लैनेट्री हेल्‍थ जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक बाहरी प्रदूषण की वजह से भी डायबीटीज हो सकता है। हवा में मौजूद प्रदूशित पार्टिक्‍यूलेट मैटर, डस्‍ट, स्‍मोक, लिक्किड ड्रॉपलेट जैसी चीजें सांस के जरिए हमारे शरीर के अंदर पहुंचकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं और उसके बाद खून में पहुंचकर स्‍ट्रोक, किडनी, कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता हैं। डायबीटीज भी प्रदूषण की वजह से शरीर में जलन और सूजन महसूस होने लगती है, जिससे इंसुलिन का उत्‍पादन कम हो जाता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। एक्‍सपर्ट कमेंट। प्रदूषण का कई अंगों पर गलत प्रभाव पड़ता है। यह पैंक्रियाज को भी प्रभावित करता है। बीटासेल जो इंसुलिन बनाता है। उसका नंबर कम हो जाता है। प्रदूषण से शरीर में इंसुलिन रजिस्‍टेंस बढ़ने लगता है। इस वजह से किसी व्‍यक्ति को डायबिटीज हो सकता है।
खाना पचाने में मददगार आदतें!!

खाना पचाने में मददगार आदतें!!

Health Care
डिनर के 30 मिनट बाद टहलें व 45 मिनट बाद पानी पीएं पौष्टिक व लजीज भोजन करने का मतलब सिर्फ पेट भरने से नहीं होता है। अच्‍दी तरह से हजम हो, कोई तकलीफ न दे यह भी जरूरी है। भोजन से मिलने वाले पोषण पर ही हमारी सेहत की बुनियाद टिकी रहती हैस्‍वास्‍थ्‍य सिर्फ पोष्टिक भोजन पर ही निर्भर नहीं करता। यह इस पर भी निर्भर करता है कि शरीर भोजन को कितना अच्‍छे से पचाता है। पाचन वह प्रक्रिया है, जिससे शरीर ग्रहण किए गए भोजन और पेय पदार्थ को ऊर्जा में बदलता है। पाचन तंत्र के ठीक काम न करने पर भोजन बिना पचा रह जाता है, जो शरीर की प्रतिरोधाक क्षमता पर असर डालता है। इसके लिए जरूरी है रात दस बजे तक सोना, 6-8 घंटे की गहरी नींद, जंकफूड, तैलीय, उच्‍च कैलोरी वाले आहार लेने से बचें। ऐसे काम करता पाचन तंत्र भोजन जब अंदर जाता है तो वह गैस्ट्रिक जूस में मिक्‍स होता है। पेट की दीवारों पर मांसपेशियों की तीन परतें होत
पाइल्‍स की समस्‍या से बच सकते हैं!!

पाइल्‍स की समस्‍या से बच सकते हैं!!

Health Care
14 प्रतिशत शहरी लोग कब्‍ज से परेशान हैं। 10 प्रतिशत लोग पूरी दुनिया में कब्‍ज पीडि़त100 में से 70-80 प्रतिशत महिलाओं को होती है यह समस्‍या। मुख्‍य कारण पेल्विक फ्लोर मसल्‍स का प्रसव बाद कमजोर होना है।मरीज को पाइल्‍स का पता नहीं चलता, खारिश महसूस होना, मस्‍से व जोर लगाने पर खून आ सकता है। बी अवेयर कब्‍ज पाचन तंत्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें कोई व्‍यक्ति का मल बहुत कड़ा हो जाता है तथा मलत्‍याग में कठिनाई होती है। पेट साफ नहीं हो पाता है। ज्‍यादा जोर लगाने से भी स्‍टूल पास नहीं होता है। महिलाओं में प्रसव बाद कूल्‍हे व आस-पास की नसें कमजोर होती हैं। इसलिए पाइल्‍स की आशंका ज्‍यादा रहती है।असमय खानपान, मिर्च-मसालेदार चीजें खाने, तनाव, खराब जीवन शैली की वजह से दिक्‍कत होती है। भोजन में फाइबर व प्रोटीन युक्‍त चीजें लें। जैसी मौसमी, हरी सब्जियां, सोयाबीन, दालें, दानामेथी, अलसी के
विरुद्ध आहार भी करता है बीमार!!

विरुद्ध आहार भी करता है बीमार!!

Health Care
आयुर्वेद के अनुसार विपरीत गुण वाली चीजें एकसाथ खाने से बचें हैल्‍दी ईटिंग विरूद्ध आहार का मतलब खाने-पीने की वे चीजें जिन्‍हें एक साथ लेने से सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। घर के बुजु्र्ग भी इसीलिए कुछ चीजें एकसाथ खाने-पीने से रोकते-टोकते हैं।आहार हमारे जीवन का आधार है, लेकिन खानपान की लापरवाही के कारण अक्‍सर बीमार पड़ते हैं। स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छी जीवन शैली के साथ संतुलित भोजन बेहत जरूरी है जानते हैं आयुर्वेद विशेषज्ञ की राय :- विरूद्ध आहार का मतलब - 9 गुण होते हैं हमारे भोजन में। जब इसके नौ गुणों का अवरोध-विरोध पाया जाता है तो इसे विरुद्ध आहार कहते हैं। 13 प्रकार के विटामिन, खनिज तत्व, प्रोटीन और फाइटो विटामिंस की खाने में प्रतिदिन होती है शरीर को जरूरत।चक्‍कर स्‍वाद का हो या फिर जानकारी का अभाव। जाने-अनजानें में हम कई बार विरूद्ध आहार ले लेते हैं। यदि नियमित रूप से विरूद
काम की बात – बीमारियों से बचाते हैं ये सुपरफूड!!

काम की बात – बीमारियों से बचाते हैं ये सुपरफूड!!

Health Care
सुंदर दिखने के लिए नौजवान क्‍या नहीं करते, जिम जाने, डाइट का ध्‍यान रखते हैं। स्लिम रहने के लिए लड़कियां ही नहीं गृहणियां भी तरह-तरह के फूड आजमाती है। किनुआ दक्षिण अमरीका से किनुआ आयात होता है। अमरीका में इसे सभी अनाजों की मां कहा जाता है। यह धान से छोटे आकार का होता है। इसके छिलके के नीचे चावल जैसा अनाज होता है जिसे उबालकर खाते है। इसमें वसा और ग्‍लूटन नहीं होते। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मैग्‍नीशियम, फास्‍फोरस, आयरन और जस्‍ता भी होता है। बेरीज स्‍ट्राबेरी, ब्‍लूबेरी, क्रैनबेरी स्‍वास्‍थयवर्धक होती हैं। यह मैगनीज, विटामिन सी व के और फाइबर से भरपूर हैं। डायबिटीज व वजन घटाने में फायदेमंद है। इनमें एंटीऑक्‍सीडेंट होते है, जिससे त्‍वचा निखरती है। यह कैंसर व हृदय रोगियों के लिए लाभ्‍दायक है। इसको खाने से वजन नियंत्रित रहता है। बीमारियों से भी बचाव होता है। नद्स बादाम, अखरोट, पिस्‍ता
फल-सब्जियों को अनदेखा तो नहीं कर रहें आप!

फल-सब्जियों को अनदेखा तो नहीं कर रहें आप!

Health Care
यदि आपको पिछले कुछ समय से ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या परेशान करने लगी है तो अपनी डाइट पर ध्‍यान दें ! शरीर कुछ ऐसे संकेत देना शुरू कर देता है, जो आपको बार-बार यह अहसास करवाता है कि आप हेल्‍दी डाइट नहीं ले रहे हैं, जैसे आप आलसी होने लगेंगे या फिर कुछ भूलने लगेंगे। अचानक से आपको वजन बढ़ा हुआ महसूस होगा तो कभी बीपी की समस्‍या परेशान करेगी। डायबिटीज का रोग भी उभर सकता है। यह सब बीमारियां इस बात की ओर इशारा करती है कि आपके शरीर में अब पोषक तत्‍वों की कमी हो चुकी है। दरअसल, शारीरिक क्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए शरीर को विटामिन्‍स और मिनरल्‍स की अवश्‍यकता होती है। इसके लिए सबसे अच्‍छा तरीका है कि आप रोजाना फल औश्र सब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करें।जानते हैं, इनकी कमी से होने वाले दुष्‍प्रभावों के बारे में :-पेट की समस्‍या (Stomach problems) :- यदि आपको पेट संबंधी समस्‍या रहती ह
स्‍वस्‍थ रखेगा क्‍लोरोफिल!!

स्‍वस्‍थ रखेगा क्‍लोरोफिल!!

Health Care
गहरे हरे रंग की पत्‍तेदार सब्जियां क्‍लोरोफिल, आयरन, विटामिन्‍स का अच्‍छा स्‍त्रोत होती है। क्‍लोरोफिल शरीर में खून का स्‍त्राव बढ़ाने के साथ ही एनीमिया की कमी को भी दूर करता है। इसमें एंटी ऑक्‍सीडेंट प्रॉपर्टीज होती है। किडनी स्‍टोन, कैंसर, अनिंद्रा और दांतो संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में भी क्‍लोरोफिल महत्‍वपूर्ण होता है। यह ब्‍लड क्‍लोटिंग में मदद करने के साथ ही घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करता है। इसके अलावा शरीर में हार्मोंस को संतुलित रखने के साथ ही शरीर में विषक्‍त पदार्थों का निकालने में भी उपयोगी है। यह पाचन क्रिया को सुचारू कर एंटी एजिंग एजेंट का काम करता है। क्‍लोरोफिल में विटामिन्‍स के अलावा बीटा कैरोटिन भी पाया जाता है। जानते हैं फायदे...कैंसररोधी गुण:- कोलन कैंसर की आशंका को दूर करने में क्‍लोरोफिल को बहुत कारगर माना जाता है। एक अध्‍ययन के अनुसार डाइटरी क्‍लोरोफिल
error: Content is protected !!