Tag: Father Son Stories in Hindi

बाड़े की उस कील ने बताया गुस्‍से का प्रभाव!!

बाड़े की उस कील ने बताया गुस्‍से का प्रभाव!!

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बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक लड़का रहता था। वह बहुत गुस्‍सैल था, छोटी-छोटी बात पर अपना आपा खो बैठता और लोगों को भला-बुरा कह देता। उसकी इस आदत से परेशान होकर एक दिन उसके पिता ने उसे कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया और कहा कि अब जब भी तुम्‍हें गुस्‍सा आए तो तुम इस थैले में से एक कील निकालना और बाड़े में ठोक देना। लड़के ने इस बात के लिए हामी भर दी।पहले दिन उस लड़के को 40 बार गुस्‍सा आया और उसने इतनी ही कीलें बाड़े में ठोंक दी। धीरे-धीरे कीलों की संख्‍या घटने लगी, उसे लगने लगा की कीलें ठोंकने में इतनी मेहनत करने से अच्‍छा है कि क्रोध पर काबू किया जाए और अगले कुछ हफ्तों में उस लड़के ने पूरे दिन में एक बार भी आपा नहीं खोया। उस दिन उसे एक भी कील नहीं गाढ़नी पड़ी।जब उसने अपने पिता को ये बात बताई तो उन्‍होंने उसे एक काम दे दिया। उन्‍होंने कहा कि अब हर उस दिन जिस दिन तुम एक बार भी गु
लकड़ी का कटोरा ~ प्रेरणादायक कहानी

लकड़ी का कटोरा ~ प्रेरणादायक कहानी

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एक वृध्‍द व्‍यक्ति अपने बहु-बेटे के यहाँ शहर रहने गया। उम्र के इस पड़ाव पर वह अत्‍यंत पड चुका था, उसके हाथ कांपते थे और दिखाई भी कम देता था। वो एक छोटे से घर में रहते थे, पूरा परिवार और उसका चार वर्षीया पोता एक साथ ही खाना खाते थे। लेकिन वृध्‍द होने के कारण उस व्‍यक्ति को खाने में बड़ी दिक्‍कत होती थी। कभी मटर के दाने उसकी चम्‍मच से निकल कर फर्श पे बिखर जाते तो कभी हाँथ से दूध छलक कर मेज पर गिर जाता।   बहु-बेटे कुछ दिनों तक तो ये सब सहन करते रहे पर अब उन्‍हें अपने पिता के इस काम से चिढ़ होने लगी। लड़के ने कहा:- "हमें इनका कुछ करना पड़ेगा"। बहु ने भी हाँ में हाँ मिलाई और बोली:- "आखिर कब तक हम इनकी वजह से अपने खाने का मजा किरकिरा करेंगे", और हम इस तरह हमारी चीजों का नुकसान होते हुए भी नहीं देख सकते।अगले दिन जब खाने का वक्‍़त हुआ तो बेटे ने एक पुरानी मेज को कमरे के एक कोने में लगा
आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ?

आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ?

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एक बेटा अपने बूढ़े पिता को वृद्धाश्रम एवं अनाथालय में छोड़कर वापस लौट रहा था... . . उसकी पत्नी ने उसे यह सुनिश्चत करने के लिए फोन किया कि पिता त्योहार वगैरह की छुट्टी में भी वहीं रहें घर ना चले आया करें... . . बेटा पलट के गया तो पाया कि उसके पिता वृद्धाश्रम के प्रमुख के साथ ऐसे घुलमिल कर बात कर रहे हैं... . . जैसे बहुत पुराने और प्रगाढ़ सम्बंध हों... . . तभी उसके पिता अपने कमरे की व्यवस्था देखने के लिए वहाँ से चले गए... . . अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए बेटे ने अनाथालय प्रमुख से पूँछ ही लिया... . . "आप मेरे पिता को कब से जानते हैं ?" . . मुस्कुराते हुए वृद्ध ने जवाब दिया... . . "पिछले तीस सालों से... जब वो हमारे पास एक अनाथ बच्चे को गोद लेने आए थे!"English Tags: Father Son Heart Touching Story in Hindi, Baap Beta Ki Dil Ko Chu Lene Wali Kahani Hindi
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