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किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें!

एक समय की बात है...एक सन्त प्रात: काल भ्रमण हेतु समुद्र के तट पर पहुँचे...समुद्र के तट पर उन्होने एक पुरुष को देखा जो एक स्त्री की गोद में सर रख कर सोया हुआ था!पास में शराब की खाली बोतल पड़...

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चार सीपें – एक गुड़‍िया की कीमत!

एक 5 साल का लड़का और 3 साल लड़की जो की भाई-बहन थे दोनों साथ में बाजार से गुजर रहे थे। अचानक लड़के को लगा कि, उसकी छोटी बहन पीछे रह गई है। उसने रुकाकर, पीछे पलटकर देखा तो उसे दिखा कि उसकी उसकी बहन एक ख...

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कर्मों का लेखा जोखा!!

एक बार एक बीबी थी। बहुत ज्यादा भजन सिमरन करना सेवा करनी किसी को कभी गलत न बोलना, सब से प्रेम से मिलकर रहना उस की आदत बन चुकी थी। वो सिर्फ एक चीज़ से दुखी थी के उस का आदमी उस को रोज़ किसी न किसी बात पर...

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हंस और हंसिनी की कहानी (जरूर पढ़ें)

ये कहानी आपको झकझोर देगी 2 मिनट में एक अच्छी सीख अवश्य पढ़ें...एक बार की बात है 1 हंस और 1 हंसिनी थी वे दोनो हरिद्वार में रहते थे। वे दोनों एक बार भटकते-भटकते एक उजड़े व बहुत ही वीरान से रेगिस्ता...

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सूर्य पर ध्‍यान दो! ~ लघुकथा

यह एक राजा की कहानी है, जिसने अपने ही 3 दरबारियों को एक ही अपराध की तीन अलग-अलग प्रकार की सजा दी। पहले को राजा ने कुछ बर्षो का कारावास दिया, दूसरे को देश निकाला तथा तीसरे से मात्र इतना कहा कि मु...

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मृत्यु को याद रखें!!

एक धनवान व्यक्ति था, वह बडा ही विलासी था। हर समय ही उसके मन में भोग विलास सुरा-सुंदरियों के विचार ही आते रहते। वह खुद भी इन विचारों से बहुत परेशान था, उसने बहुत प्रयास किये की वे विचार उसे छोड़ दें पर...

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वसीयत और नसीहत! Short Moral Story

एक बहुत ही दौलतमंद व्‍यक्ति ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा, कि बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, यह मेरी इक्छा जरूर पूरी करना।पिता के मरते ही नहलाने...

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दही का इंतजाम ~ Hindi Moral Story

शर्माजी जब लगभग 45 वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। बहुत से लोगों ने शर्माजी से दूसरी शादी की सलाह दी परंतु शर्माजी ने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट ...

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अच्छाई और बुराई! (लघु कहानी)

उभरती बुराई ने दबती सी अच्छाई से कहा, कुछ भी हो, लाख मतभेद हो पर है तू मेरी सहेली। मुझे अपने सामने तेरा दबना अच्छा नही लगता। अलग खड़ी न हो मुझमें मिल जा। मै तुझे भी अपने साथ बढ़ा लूंगी, समाज में फैला लू...

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मैंने भगवान को मुस्कराते हुए देखा! – प्रेरणादायक कहानी

गरमी का मौसम था, मैने सोचा काम पे जाने से पहले गन्ने का रस पीकर काम पर जाता हूँ। एक छोटे से गन्ने की रस की दुकान पर गया !! वह काफी भीड-भाड का इलाका था, वहीं पर काफी छोटी-छोटी फूलो की, पूजा की सामग्री ...

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