• घी, स्निग्ध, मधुर, पित्त तथा वात शूल, अफारा, विसर्प, रक्त विकार और आमवात नाशक है रसायन आयु तेज लावन्य, बुद्धिवर्धक और बुढ़ापा नाशक है। • नेत्राभिष्यन्द में गाय का घी आँखों में डालना लाभकारी है। • व्रण में गाय का घी लगाते रहने से व्रण भरकर सूख जाते हैं। 5 से 10 बूँद तक […]