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पढ़ें सालों से अपनायी जाने वाली होम रेमेडीज़, घरेलू नुस्खों से कैसे कर सकते हैं असाध्य बीमारियों का ईलाज Home Remedies in Hindi के फायदे, Gharelu Nuskhe in Hindi,

यूरिन इंफेक्‍शन से बचने के घरेलू उपाय!

यूरिन इंफेक्‍शन से बचने के घरेलू उपाय!

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70 फीसदी महिलाओं को यूरिन में इंफेक्‍शन होना आम है। यह स्त्रियों को होने वाली सबसे आम समस्‍या है जिसके कई कारण हो सकते हैं। लक्षणों के रूप में यूरिन करते समय जलन होना, बार-बार यूरिन जाने की इच्‍छा होना, कमर व पीठ के आसपास दर्द होना। ऐसे में सावधानी बरतने के अलावा कुछ घरेलू उपायों को समस्‍या से निदान के लिए अपनाया जा सकता है। जानते हैं इनके बारे में:- रात को एक गिलास पानी में गेहूं के 10-15 दाने भिगों दें। सुबह इसे छान लें और इस पानी में दो चम्‍मच चीनी मिलाकर पीएं। इससे यूरिन करते समय जलन नहीं होगी।इलायची के दाने और सौंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर अनार के रस या छाछ में मिलाएं। इसके बाद इसमें सेंधा नमक मिलाकर पी लें। यूरिन इंफेक्‍शन के लक्षणों में कमी आएगी।दिन में एक बार आधा गिलास नींबू पानी पीएं। इसके लिए आधा गिलास पानी में थोड़ी चीनी और आधा नींबू का रस मिला लें। इससे मूत्रनली
गुणों की खान कहते हैं, छोटी सी हरड़ को!!

गुणों की खान कहते हैं, छोटी सी हरड़ को!!

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आयुर्वेद के खजाने में एक दवा यानी की हरड़ में कई बीमारियों को मात देने की क्षमता है।इन रोगों में लाभदायक:- त्‍वचा के रोग, गला बैइ जाना, पुराना बुखार, सिर के रोग, आंखों के रोग, खून की कमी, हृदय रोग, पीलिया, शरीर में सोज पड़ना, प्रमेह रोग, उल्‍टी आना, पेट में कीड़े होना, दमा, खांसी, मुह में लार टपकना, बवासीर, प्‍लीहा वृद्धि, पेट में अफरा पड़ना, विष का सेवन, वायु गोला, उदर रोग, भोजन में अरुचि, के साथ-साथ हरड़ का प्रयोग वातज व कफ रोगों में हितकर है। हरड़ चूर्ण को गौमूत्र के साथ प्रतिदिन पी कर व उसके पचने के बाद दूध का सेवन करने से खून की कमी दूर होती है। सौंठ, काली मिरच व पिप्‍पली, गुड़ व तिल तेल के साथ एक मास तक हरड़ का प्रयोग करने से कुष्‍ठ रोग का नाश होता है। ऐसे करें हरड़ का सेवन:- भोजन करने से पहले दो बहड़े, भोजन के बाद चार आमले व भोजन पचने के बाद एक हरड़ के फल का चूर्ण नियमित रूप
घरेलू उपायों से गैस की बीमारी को भगाएं।

घरेलू उपायों से गैस की बीमारी को भगाएं।

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खान-पान में जरा भी गड़बड़ी हमारे पेट की सेहत बिगाड़ सकती है। कुछ घरेलु उपायों के जरिए ऐसी परेशानियों से काफी हद तक राहत पाई जा सकता है।ऐसे बनती है गैस:- खाने या कुछ पीने के साथ जब हम हवा निगल जाते हैं, तो हमारे पाचन तंत्र में गैस बनना शुरू हो जाता है। दरअसल हवा के साथ ऑक्‍सीजन और नाइट्रोजन दोनों ही हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इसके अलावा हमा जो भी खाते हैं उसके पाचन के दौरान हाइड्रोजन, मीथेन या कार्बन डाई ऑक्‍साइड गैसें निकलती है और पेट में एकत्रित होने लगती हैं। शरीर से बाहर नहीं निकलने पर यह सारी गैसें पेट में दर्द या अन्‍य तकलीफ का कारण बन जाती है। रोजाना के खाने का असर गैस की समस्‍या पर दिखाई देता है। बीन्‍स, पत्‍ता गोभी, छोला और दाल या शुगरी फ्रूट जूस आदि को पचाना आसान नहीं होता है। जब खाना कोलेन से गुजरता है तो कई तरह की बैक्‍टेरिया इन्‍हें तोड़ता है जिससे गैस निकलती है।
गैस से परेशान हैं तो आजमाएं ये तरीके!

गैस से परेशान हैं तो आजमाएं ये तरीके!

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गैस एक आम परेशानी हो गई है। गैस पेट में बदहजमी और कब्‍ज रहने से होती है। इसकी वजह से पेट का फूलना व बेचैनी की शिकायत होने लगती है। खाने-पीने में कूछ चीजों को शामिल करने से गैस से बहुत हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।• दालचीनी के इस्‍तेमाल से पेट के दर्द में आराम मिलता है पर दालचीनी की कम मात्रा लेनी चाहिए।• धनिया भी गैस में फायदेमंद है। इसे एक गिलास पानी में उबालकर छानकर रख लें और दिन में तीन-चार बार इसे पीते रहें।• जीरे को भून कर बारीक पीसकर इसमें एक चम्‍मच शहद मिलाकर रोजाना खाना खाने के बाद चाट लेने से भी फायदा होता है।• खाना खाने के उपरांत मूली पर काली मिर्च और नमक डालकर रोजाना खाने से पेट का फूलना व गैस बनना बंद हो जाता है। पिसी काली मिर्च को गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से भी गैस बनना बंद हो जाएगा।• गैस बनने की शिकायत हो तो करेले का रस (2 चम्‍मच) व इसकी सब्‍च
स्किन प्रॉब्‍लम में कारगर हैं ये घरेलू नुस्‍खे!!

स्किन प्रॉब्‍लम में कारगर हैं ये घरेलू नुस्‍खे!!

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किसी भी मौसम में त्‍वचा से जुड़ी समस्‍याएं होना सामान्‍य बात है लेकिन इनसे घबराए नहीं। कुछ घरेलू और आसान उपाय अपनाकर इन्‍हें दूर किया जा सकता है।त्‍वचा पर मूली के पत्‍तों का रस लगाने से किसी भी प्रकार की स्किन प्रॉब्‍लम में राहत मिलती है।त्‍वचा पर मौजूद घाव को ठीक करने के लिए नीम के पत्‍तों का रस निकाल कर प्रभावित हिस्‍से पर लगाएं। फिर उस पर पट्टी बांध लेने से घाव मिट जाते हैं। ध्‍यान रखें कि पट्टी को समय-समय पर बदलते रहें।त्‍वचा रोग में सेब के रस को लगाने से उसमें राहत मिलती है। प्रतिदिन एक या दो सेब खाने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। त्‍वचा का तैलीयपन दूर करने के लिए एक सेब को अच्‍छी तरह से पीस कर उसका लेप पूरे चेहरे पर लगा कर दस मिनट के बाद चेहरे को हल्‍के गुनगुने पानी से धो लेने पर 'तैलीय त्‍वचा' की परेशानी से मुक्ति मिलती है।सूखी त्‍वचा की शिकायत रहती हो तो सरसों के त
पोषक तत्वों का भंडार है मूंग की दाल!

पोषक तत्वों का भंडार है मूंग की दाल!

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प्रोटीन की पूर्ति के लिये दाल खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन जब बात प्रोटीन के अलावा विटामिंस की हो तो मूंग की दाल एक बेहतर विकल्‍प है। इसमें ए, बी, सी, ई, पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अगर अंकुरित मूंग की दाल खाएं तो शरीर में कुल 30 कैलोरी और एक ग्राम फैट ही पहुंचता है। इससे तैयार स्‍प्राउट (Sprout अंकुरित) खाने से मैग्‍नीशियम, विटामिन-सी, फायबर समेत विटामिन-बी 6 और प्रोटीन मिलता है।जानिए इसकी खासियतों के बारे में...✓ हरी मूंग की दाल के स्‍प्राउट (Sprout अंकुरित) में खास तत्‍व पाए जाते हैं जो गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। कैंसर के रोगी को भी इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।✓इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीईफ्लेमेट्री तत्‍व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।✓मूंग की दाल से तैयार स्‍प्राडट (Sprout अ
कब्‍ज से परेशान हैं तो ये कीजिए…

कब्‍ज से परेशान हैं तो ये कीजिए…

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कब्‍ज एक आम समस्‍या बनती जा रही है। लगातार कब्‍ज रहने से आगे जाकर यह गंभीर रूप ले लेती है। सिर भारी होना, जी मचलाना, बुखार सा रहना, मुंह में पानी आने की शिकायत रहने लगती है। कुछ बातों का ख्‍याल रख के कब्‍ज से बचाव किया जा सकता है।न हो पानी की कमी:- कम पानी पीने से भी कब्‍ज की शिकायत हो सकती है। दिन में कम से कम 10 से 20 गिलास पानी पीना चाहिए। रात को सोते समय भी पानी पीना चाहिए। मल मूत्र त्‍यागने से पहले भी पानी पीना चाहिए।मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ:- हर समय चिंता में डूबे रहने से भी कब्‍ज की शिकायत रहती है। लगातार सोचते रहने से तनाव रहने लगता है और कब्‍ज होता है।नशे से दूरी:- सिगरेट, तंबाकू, गांजा, अफीम जैसी नशे वाली चीजों से बचना चाहिए।खाने का रखें ध्‍यान:- खाने के बाद ठंडे पेय पीना, जल्‍दी-जल्‍दी बिना चबाए खाने व समय पर नहीं खाने से भी कब्‍ज की शिकायत होती है। भूख स
गौर कीजिए – बड़े काम की है लाल मिर्च!

गौर कीजिए – बड़े काम की है लाल मिर्च!

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भारतीय भोजन का प्रमुख अंग है लाल मिर्च। कई लोग समझते हैं लाल मिर्च सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन ऐसा नहीं है। लाल मिर्च में पाए जाने वाले तत्‍व सेहत के लिए फायदेमंद है।वजन कम करने में लाल मिर्च सहायक है। लाल मिर्च कैलौरी बर्न करने में मददगार होती है। इसमें ऐसे तत्‍व होते हैं जो भूख कम करने में सहायक हैं, इस वजह से मोटापा नियंत्रित होता है।लाल मिर्च फेंफड़े और अम्‍नाशय के कैंसर की कोशिकाओं को नष्‍ट करती है। पेट दर्द होने पर लाल मिर्च पाउडर को गरम पानी और गुड़ में मिलाकर खाने से आराम मिलता है।हैंग ओवर में लाल मिर्च के दो चुटकी पाउडर को गुन-गुने पानी में मिलाकर पीने से आराम मिलता है। दिन में दो तीन बार इसका सेवन लाभकारी है।रक्‍त संचार में सुधार लाती है लाल मिर्च। आहार के साथ ली गई लाल मिर्च रक्‍त के प्रवाह की गति बढ़ाती है।लंबे व घने बाल चाहते हैं तो अपने भोजन में ला
ब्रेन के लिए अच्‍छा है Sunflower!!

ब्रेन के लिए अच्‍छा है Sunflower!!

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सूरजमुखी के बीज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। दरअसल सूरजमुखी के बीजों में कोलेस्‍ट्रॉल और सोडियम की मात्रा कम होती है। साथ ही इनमें विटामिन बी6, थाइमिन, मैग्‍नीशियम, काॅपर, फॉस्‍फोरस, मैंगनीज, और सेलेनियम के अलावा विटामिन ई ( अल्‍फा टोकोफेरॉल) भी बहुत उच्‍च मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अपनी बॉडी में न्‍यूट्रियंट्स की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में सूरजमुखी के बीजों को जरूर शामिल करें। यह खाने में भी बहुत स्‍वादिष्‍ट लगते हैं, तो आइए इनसे मिलने वाले हेल्‍थ बेनिफिट्स पर एक नजर डालते हैं।1:- सुधरेगा पाचन क्रिया! सूरजमुखी के बीजों में फाइबर की मात्रा बहुत अच्‍छी होती है जो कि कब्‍ज, पाइल्‍स, कोलन कैंसर आदि कई तरह की समस्‍याओं को कम कर देता है। हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स के अनुसार रोजाना 30 ग्राम फाइबर की मात्रा लेना सेहतमंद है। इसके लिए सूरजमुखी के बीजों का इस्‍तेमाल करना बे
जानें कैसे सेहत का खजाना है अंजीर !!

जानें कैसे सेहत का खजाना है अंजीर !!

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अंजीर (Common fig) स्‍वादिष्‍ट और स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक फल है। इसके नियमित सेवन से आप स्‍वस्‍थ और फिट रह सकते हैं। यह वजन घटने के साथ ही डायबिटीज, कैंसर, कफ, अस्‍थमा और पेट संबंधी बीमारियों को दूर करने में असरदार होता है। यह आयरन की कमी को भी दूर करता है। दरअसल अंजीर में विटामिन्‍स, मिनरल्‍स और फाइबर का अच्‍छा स्‍त्रोत होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2, कैल्शियम, आयरन, फास्‍फोरस, मैग्‍नीशियम, सोडियम, कॉपर, पोटेशियम, क्‍लोरीन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, सेल्‍यूलोज, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं, तो अंजीर के हेल्‍थ बेनिफिट्स पर एक नजर डालते हैं।हार्ट हेल्‍दी रखती है अंजीर अंजीर में फिनॉल, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड पाया जाता है जो कि कोरोनरी हार्ट डिजिज (Coronary Heart Disease) का रिस्‍क कम करते हैं। इस
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