Tag: Poems in Hindi

करवा चौथ – कविता!

करवा चौथ – कविता!

Kavitayen
सुन सखी एक बात सुनाऊॅं आज मैं करवा चौथ मनाऊँ मैंने घर संसार बसाया, एक घरौंदा प्‍यारा पाया पिया ने मुझको ये सुझाया एक सुंदर संगीत सुनाया मै भी करवा चौथ करूंगा तेरे प्‍यार की थाली भर कर मैं चंदा का ध्‍यान करूंगा मेरे प्‍यार और तेरी प्रीत की करवा चौथ निराली होगी तेरे हाथों में विश्‍वास, धैर्य मेरे हाथ में तेरी जीत की एक भरी-पूरी थाली होगी अपनी इच्‍छाओं की बली देकर कुचले अरमानों के बल पर अपनी गरिमा के ही बल पर दाम्‍पत्‍य के धागे जोड़ कर तुमने जीत लिया मेरा मना मै तुझ पर बलिहारी जाऊं ऐसी करवा चौथ मनाऊं सहयोगी बन साथ निभाऊं सुख शांति का संकल्‍प उठाऊं तुझको हर मान दिलाऊं ऐसी करवा चौथ मनाऊं - प्रभा पारीकKarva Chauth Poem in Hindi by Prabha Parik, Karwa Chauth Vrat Poems For Husband in Hindi
माँ की ममता है सबसे न्‍यारी!! (कविता)

माँ की ममता है सबसे न्‍यारी!! (कविता)

Kavitayen
!!! माँ !!! माँ की ममता है सबसे न्‍यारी, है हम सबकी माता प्‍यारी।।हम सब का ख्‍याल है रखती, इसीलिए प्रथम गुरू कहलाती हमेशा अच्‍छी बातें बातें बताती सद् मार्ग का राह दिखातीकभी ना आँसू आने देती नौ महीने तक पेट में रखती चुप-चाप सब दर्द है सहती कभी ना रूकती कभी ना थकती बस अपनी ममता बिखेरते जाती दु:ख में हमेशा हम माँ को याद करते और माँ ही हमें रास्‍ता है दिखातीभूखे पेट अपने वो रहकर बच्‍चे का हर कष्‍ट दूर करती और बच्‍चे की इच्‍छाओं की खातिर अपनी खुशी का दमन वो करती आओ हम सब माँ के गुण गाएं उनके चरणों में शीष नवाँएं माँ की ममता का कोई आकार नहीं उनके बिना दुनिया का आधार नहीं...लेखक: रोहित दीक्षित,English Summery: Maa ki Mamta Hai Sabse Niyari Hindi Poem, Mother Love Poems in Hindi, Best Collection of Hindi Kavitayen Poems on Maa / Mother in Hindi
गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नहीं आयेगा! (कविता)

गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नहीं आयेगा! (कविता)

Kavitayen
गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नही आयेगा, जो यादे हे दिलो में छुपालो, बिता हुआ वक़्त इन्हें उड़ा ले जायेगा, हर वक़्त को जियो अपना समझ कर, हर हँसीन ख्वाब देखो भले ही सपना समझकर, हर समाँ फिर वक़्त की ओट में छिप जायेगा, गुजरा हुआ वक़्त लौटकर फिर नही आयेगा,जो बीते पल अपनों के साथ में, चलती हुई राह अनजानी मंजिल की आस में, मोसम खुसनुमा वो फिर कही चला जायेगा, गुजरा हुआ वक़्त लौटकर फिर नही आयेगा,संजोलो अपनी यादो में ये जो पल बीत रहे, हर आंसू गम और ख़ुशी का हर एक मुस्कुराहट के बीच रहे, ये जो हम हस हस के बाते किया करते हे, अपने गम को हँसी के धागे में सिया करते हैे, हुम्म आने वाला कल, क्या ये समझ पायेगा, गुजरा हुआ वक़्त फिर लौटकर नही आयेगा,सबको चाह हे आगे बढ़ने की, वक़्त से होड़ हे दौड़ करने की, ये वक़्त हे सबको पीछे छोड़ जायेगा, हाथो में था जो हाथ फिर कही छूट जायेगा, गुजरा हुआ वक़्त फिर लौ
दोस्ती कहने में एक शब्दः है! (कविता)

दोस्ती कहने में एक शब्दः है! (कविता)

Kavitayen
दोस्ती कहने में एक शब्दः है.. पर हर इंसान का सबसे करीबी रिश्ता है...दोस्ती सिर्फ शब्दः नहीं जिसका मै अर्थ बता सकू... दोस्ती कोई चीज़ नहीं जिसे मै दिखा सकू...दोस्ती है दिल का रिश्ता, जो हर रिश्ते से ऊपर है... दोस्ती है वफ़ा की परिभाषा जो हर शब्दः से परे है....दोस्ती मेरी भावनाओ का रूप, दोस्त मेरा आयना है... दोस्ती मेरी दुआ रब से... दोस्त खुदा का नजराना है...दोस्ती मेरी भक्ति है वफ़ा की... दोस्त मेरा वो खुदा है... बुरे वक़्त मै जो बिन बोले हाथ थाम ले वो दोस्त मेरा है...नोख जोकः रूठना मुस्कराना हर पल जिसके साथ... दो पल भी लड़ के दूर रहना हो जैसे सजा ए मौत...दोस्ती मेरी कहानी जीवन की, दोस्त कहानी का राजा है... हर सुख दुःख का साथी वो मेरा... वो वफ़ा का सच्चा है...हर शख्श चाहता है अच्छा दोस्त रहे जिंदगी मै... हर पलके चाहती है... दोस्त का चेहरा रहे आँखों मै...सी
प्रकृति हमें देती है सब कुछ… (कविता)

प्रकृति हमें देती है सब कुछ… (कविता)

Kavitayen
प्रकृति हमे देती है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे...सूरज हमे रौशनी देता, हवा नया जीवन देती है... भूख मिटने को हम सबकी, धरती माँ अन्न देती है...पथिको को ताप्ती धुप में, पेड़ सदा देते ह छाया फूल सुगंध देते है, हम सबको फूलों की माला...पहाड़ गिरी ऊँचे ऊँचे, देते है औषधियों का भंडार कल कल बहती नदिया झरने, मिटाते हमारी प्यास...प्रकृति देती इतना कुछ बदले में हम क्या देते है? सोच के देख मनुज तेरी इंसानियत कहाँ है???जो पेड़ छाया फल देते, उनको तू काट रहा है... जिन फूलों की माला तू पहने उन बगिया को मिटा रहा है...जो धरती देती खाने को दाना, उसको बंजर बन रहा है... ऊँचे ऊँचे आशियाने के लिए, धरती का सीना फाड़ रहा है...जो पहाड़ रक्षा तेरी करते, उन औषधियों को हटा रहा है... जो नदिया तेरी प्यास बुझाती, उनके रास्ते बदल रहा है...जो प्रकृति तुझे इतना देती है, तू उसका सब कुछ चीन
सब कुछ तुम्हारे नाम का ~ लड़कियों के ऊपर कविता।

सब कुछ तुम्हारे नाम का ~ लड़कियों के ऊपर कविता।

Kavitayen
लोग पत्नी का मजाक उड़ाते है। बीवी के नाम पर कई msg भेजते है उन सभी के लिए। ------------------------ Please Read This.... A Lady's Simple Questions & Surely It Will Touch A Man's heart... ------------------------ देह मेरी, हल्दी तुम्हारे नाम की। हथेली मेरी, मेहंदी तुम्हारे नाम की। सिर मेरा, चुनरी तुम्हारे नाम की। मांग मेरी, सिन्दूर तुम्हारे नाम का। माथा मेरा, बिंदिया तुम्हारे नाम की। नाक मेरी, नथनी तुम्हारे नाम की। गला मेरा, मंगलसूत्र तुम्हारे नाम का। कलाई मेरी, चूड़ियाँ तुम्हारे नाम की। पाँव मेरे, महावर तुम्हारे नाम की। ऊंगलियाँ मेरी, बिछुए तुम्हारे नाम के। बड़ों की चरण-वंदना मै करूँ, और 'सदा-सुहागन' का आशीष तुम्हारे नाम का । और तो और - करवाचौथ/बड़मावस के व्रत भी तुम्हारे नाम के । यहाँ तक कि कोख मेरी/ खून मेरा/ दूध मेरा, और बच्चा ? बच्चा तुम्हारे नाम का । घर के दरवाज़े पर
error: Content is protected !!