Health Care

स्वास्थ्य सम्बन्धी सुझाव हिन्दी में, Health Care Tips in Hindi, Share With Friends and Family

तोहफा – सविता मिश्रा

तोहफा – सविता मिश्रा

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तोहफा -सविता मिश्राडोरबेल बजी जा रही थी। रामसिंह भुनभुनाए 'इस बुढ़ापे में यह डोरबेल भी बड़ी तकलीफ देती है। 'दरवाजा खोलते ही डाकिया पोस्‍टकार्ड और एक लिफाफा पकड़ा गया।लिफाफे पर बड़े अक्षरों में लिखा था वृद्धाश्रम। रूंधे गले से आवाज दी- 'सुनती हो बब्‍बू की अम्‍मा, देख तेरे लाडले ने क्‍या हसीन तोहफा भेजा है।'रसोई से आंचल से हाथ पोछती हुई दोंड़ी आई- 'ऐसा क्‍या भेजा मेरे बच्‍चे ने जो तुम्‍हारी आवाज भर्रा रही है। दादी बनने की खबर है क्‍या? नहीं, अनाथ! क्‍या बकबक करते हो, ले आओ मुझे दो। तुम कभी उससे खुश रहे हो क्‍या!वृद्ध शब्‍द पढ़ते ही कटी हुई डाल की तरह पास पड़ी मूविंग चेयर पर गिर पड़ी।कैसे तकलीफों को सहकर पाला-पोसा, महंगे से महंगे स्‍कूल में पढ़ाया। खुद का जीवन इस एक कमरे में बिता दिया। कहकर रोने लगी।दोनों के बीजे जीवन के घाव उभर आए और बेटे ने इतना बड़ा लि
दिनभर के लिए ऐसे पाएं एनर्जी!!

दिनभर के लिए ऐसे पाएं एनर्जी!!

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अपने दिनभर के कामों के लिए हमें एनर्जी की जरूरत होती है। दरअसल हमें सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग समय में अलग-अलग एनर्जी लेवल की जरूरत होती है। ऊर्जा के इन स्‍तरों को हम तभी पा सकते हैं जब हम संतुलित आहार लें, समय पर सोएं और एक नियत समय पर उठें, रोजाना फलों और उनके रस आदि को डाइट में शामिल करें, नियमित व्‍यायाम करें औश्र स्‍नैक्‍स का भी एक टाइम निर्धारित रखें। आइए जानते हैं कि किन-किन बातों का ध्‍यान रखने से हम अपना एनर्जी लेवल बनाए रख सकते हैं।रोजाना एक नियत समय पर उठें। विशेषज्ञ मानते हैं कि आपको रोजाना एक ही समय पर उठना चाहिए। भले ही आप रात को किसी भी समय सोए हों। इससे आपकी बॉडी क्‍लॉक ठीक बनी रहती है। सही समय पर उठने के बाद अपने रोजमर्रा की क्रियाओं को करने के बाद कम से कम 10 से 15 मिनट के लिए धूप में रहें ताकि आपके शरीर को जरूरी विटामिन-डी मिल सके। भारत में फिलहाल विटामिन-डी की कमी
वजन खूब कम करेंगे ये छोटे टिप्‍स!!

वजन खूब कम करेंगे ये छोटे टिप्‍स!!

Fitness Tips, Health Care
मोटापा आज एक ऐसी समस्‍या बन गई है, जो तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे कारण मुख्‍य कारण हमारी जीवनशैली में आया परिवर्तन है। आज हम जिस लाइफ स्‍टाईल को फॉलो कर रहें है उसमें आरामतलबता बढ़ती जा रही है। इस तरह हम दिनभर में जो भी कैलोरी लेते हैं, वह बर्न होने के बजाय शरीर में एकत्रित होती जा रही है। इसी लाइफस्‍टाइल की वजह से धीरे-धीरे मोटापे जैसे समस्‍या बढ़ती जा रही है। यदि हम समय रहते बवेयर नहीं हुए तो मोटापा और उससे जुड़े रोगों की चपेट में आ जाएंगे। इसलिए मोटापे को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। इसके लिए हमें सबसे पहले दैनिक जीवन में कुछ खास आदतों की अपनाने की जरूरत है। मोटापे के कारण डायबिटीज और दिल की बीमारियों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है!!आइए जानते हैं ऐसी कुछ आदतों के बारे में... फिजिकल एक्टिविटी मोटापा को कम करने के लिए नियमित शारीरिक कसरत करना भी जरूरी है क्‍योंकि कसरत से शरीर की अत
आंख फड़कने में घरेलू उपचार!!

आंख फड़कने में घरेलू उपचार!!

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आंख फड़कने के कारण कैफीन, स्‍ट्रेस, एलर्जी और ड्राई आई भी हो सकते हैं। आंख फड़कना सामान्‍य समस्‍या है, जो स्‍वत: ही कुछ समय बाद ठीक हो जाती है, लेकिन यह समस्‍या कई दिनों तक लगातार बनी रहे तो, तो चिकित्‍सक से उचित सलाह अवश्‍य लेनी चाहिए। यह क्रोनिक मूवमेंट डिस्‍ऑर्डर भी हो सकता है। आंख फड़कने के पीछे बहुत ज्‍यादा कैफीन लेना भी हो सकता है। इसके अलावा तनाव की वजह से भी इस तरह की समस्‍या हो सकती है। न्‍यूट्रिसंस इनबैलेंस भी एक बड़ा कारण हो सकता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों की मदद से आंखों का फड़कना रोका जा सकता है। साथ ही आंखों के लिए कुछ खास तरह की एक्‍सरसाइज भी इस समस्‍या से आसानी से निजात दिला सकती है, तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ कारगर उपायों के बारे में, जिनसे आंखे स्‍वस्‍थ भी बनी रहेगी।केला खाएं:- आंख फड़कने के पीछे एक कारण शरीर में पोटेशियम और मैग्‍नीशियम की कमी होता है। ऐसे में के
लहसुन की चाय के कई फायदे!

लहसुन की चाय के कई फायदे!

Health Care, Vegetarian Recipes
लहसुन भले ही स्‍वाद में थोड़ा तीखा हो लेकिन आयुर्वेदिक रूप से इसमें कई औषधिय गुण पाए जाते हैं। रोजाना सुबह 1-2 लहसुन की कली खाई जाए तो कई बीमारियों से बचाव होता है। सब्‍जी या दाल में इसका छौंक लगाने के अलावा इससे तैयार चाय भी फायदेमंद होती है। जानते है इसे बनाने का तरीका और अन्‍य विशेष गुणों के बारे में:-ऐसे बनाए चाय:-सामग्री: • 1 लहसुन की कली • दो कप पानी • 1 चम्‍मच शहद • 1 चम्‍मच नींबू का रस • थोड़ा सा कसा हुआ अदरकबनने की विधि:- पानी को उबलकर सबसे पहले अदरक और लहसुन का पेस्‍ट बनाकर इसमें डालें। 15 मिनट तक धीमी आंच पर इसे उबलने दें। पकने के बाद 10 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद इसे गिलास में छानकर इसमें नींबू का रस और शहद मिला दें। लहसुन की चाय पीने के लिए तैयार है। इसे गुनगुना ही पीने की कोशिश करें।Garlic Tea Recipe and Benefits in Hindi, Lahs
केमिकल से पका फल खाने से बिगड़ सकता है हाजमा!!

केमिकल से पका फल खाने से बिगड़ सकता है हाजमा!!

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फल सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन केमिकल से पके फलों को खाने से सेहत बिगड़ सकती है। केमिकल से पके फल देखने में तो सामान्‍य दिखते है लेकिन इनके भीतर और ऊपरी सतह पर जमा केमिकल या कर्बाइड की परत शरीर की पाचन क्रिया बिगड़ती है। लंबे समय तक कोई व्‍यक्ति इस तरह के फलों को खाता है तो उसे पेट और एलर्जी संबंधी समस्‍या रह सकती है। बाजर में बिकने वाले सभी तरह के फलों को देख-परखकर ही खरीदें और अच्‍छे से साफ करने के बाद ही खाएं तो कई तरह की गंभीर समस्‍याओं से बचा जा सकता है। जानते हैं कि कुछ फलों के बारे में जिन्‍हें खाने से पहले सावधानी बरतनी जरूरी है। ऐसे नुकसान पहुंचाते है केमिकल से पके हुए फल केमिकल से पके फलों को बिना साफ किए खाने पर गले में खराश, पेट या आंतो में जलन के साथ बार-बार अचानक से उल्‍टी-दस्‍त की शिकायत होती है। कुछ लोगों में स्किन इंफेक्‍शन के साथ कमजोरी महसूस होने के साथ अलस की शिकाय
शुरूआती सफेद दाग (विटिलिगो) में कारगर है होम्‍योपैथी चिकित्‍सा!

शुरूआती सफेद दाग (विटिलिगो) में कारगर है होम्‍योपैथी चिकित्‍सा!

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भारत में सफेद दाग के प्रति बहुत भ्रांतियां है, इसे सफेद कुष्‍ठ के नाम से भी जाना जाता है। भारतवर्ष में कुल जनसंख्‍या का लगभग 1% से 8% के मध्‍य विटिलिगो के रोगी हैं। विश्र्व जनसंख्‍या का 1% लोग इस रोग से ग्रसित हैं। ██ सफेद दाग क्‍या है ? विटिलिगो यानी सफेद दाग एक त्‍वचा का रोग है, इसमें इंसान के शरीर के विभिन्‍न स्‍थानों पर सफेद दाग /धब्‍बे दिखाई देते हैं। इसमें त्‍वचा के प्राकृतिक रंग के स्‍थान पर छोटे-छोटे सफेद धब्‍बे दिखाई देते हैं। प्रारम्‍भ में रोगी के शरीर पर जैसे साथ, पांव, कोहनी, गर्दन, कमर, चेहरे, होंठ और जाननांगों आदि पर छोटे-छोटे सफेद धब्‍बे निकलते है। ये आपस में मिलकर बड़ा धब्‍बा बना लेते हैं। इस प्रकार शरीर के विभिन्‍न्‍ भागों में सफेद दाग दिखाई देते हैं। इस रोग में रोगी को किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होती, परंतु सफेद दाग चेहरे, होंठ, हाथ, पांव, आदि पर दिखाई देने के कारण र
Heartburn की समस्‍या में घरेलू उपचार!!

Heartburn की समस्‍या में घरेलू उपचार!!

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हार्टबर्न की समस्‍या पेट में बनने वाले एसिड की वजह से पैदा होती है। इस दौरान सीने या गले में जलन और गले में दर्द, खट्टी डकार आना, उल्‍टी का मन करना, पेट में भारीपन लगना जैसे समस्‍याएं होने लगती है। वैसे तो यह समस्‍या एक ही समय में जरूरत से ज्‍यादा भोजन करने की वजह से होती है। इसके अलावा शरीरिक रूप से सक्रिय रहना, बेवक्‍त खाना, खाने के तुरंत बाद सो जाना, मसालेदार भोजन, सॉफ्ट ड्रिंक्‍स, प्रिजरवेटिव, जंक फूड आदि के सेवन भी शरीर में एसिड का लेवल बढ़ जाता है। इसलिए खानपान की आदतों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ ही हार्टबर्न की समस्‍या होने पर इन घरेलू उपायों को आजमाएं। ऐलोवेरा का जूस:- बहुत से लोगों का मानना है कि एलोवेरा का उपयोग सनबर्न के लिए किया जाता है लेकिन हार्टबर्न जैसी समस्‍याओं को दूर करने में भी एलोवेरा का जूस बहुत फायदेमंद होता है। यह इंफ्लेमेशन को दूर करने में असरदार होता है। यदि आपको अक
लंच या डिनर के बाद इन बातों का रखें ध्‍यान

लंच या डिनर के बाद इन बातों का रखें ध्‍यान

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लंच या डिनर करने के बाद अक्‍सर लोग चाय-कॉफी लेना, सोने चले जातना, धूम्रपान जैसी आदतों के आदी होते हैं। ये आदतें कई तरह से नुकसान पहुंचाती है। जानते हैं कुछ ऐसी आदतों के बारे में जो अक्‍सर लोग खाना खाने के बाद करते है:-चाय या कॉफी लेना:- खाने के तुरंत बाद चाय लेने से बचें। इनमें मौजूद पॉलिफिनॉल्‍स और टेनिंस नामक रसायन होते हैं जो खाने में लिए गए आहार के पोषक तत्‍वों को खत्‍म कर देते हैं। वही कॉफी में कैफीन होता है, जो आयरन को खत्‍म कर देता है। यह आदत एनीमिया के रोगियों के लिए काफी खतरनाक है। चाय या कॉफी पीनी हो तो खाने के एक घंटे बाद पीएं।धूम्रपान ना करें:- धूम्रपान करना हर तरह से नुकसानदायक है। इसके अलावा लंच या डिनर के बाद एक सिगरेट पीना दस सिगरेट के बराबर नुकसान पहुंचाती है। खाने के बाद आहार को पचाने के लिए शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है ऐसे में सिगरेट पीने से उसमें मौज
हैल्‍थ अवेयर- गले के इंफेक्‍शन से ऐसे बचें

हैल्‍थ अवेयर- गले के इंफेक्‍शन से ऐसे बचें

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इन दिनों सुबह के कोहरे की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, हवा में शुष्‍कता से धूल मिट्टी ज्‍यादा उड़ने लगती है और गले में तरह-तरह का इंफेक्‍शन होने लगता है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. उत्‍तम अग्रवाल द्वारा बताई गई, गले से जुड़ी इन समस्‍याओं, उनके इलाज और सावधानियों को जान लेना जरूरी है- • खांसी बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन, इलर्जी, वायरल इंफेक्‍शन, एसिड रिफ्लक्‍स या गले में ट्यूमर से भी खांसी हो सकती है।इलाज:- डॉक्‍टर द्वारा सुझाई गई कफ सिरप और एंटीबॉयोटिक दवाएं लें और कुछ दिनों तक गुनगुना पानी पीएं। अगर खांसी दो हफ्ते में भी ठीक न हो, तो किसी अस्‍पताल में जाकर टीबी का टेस्‍ट जरूर करवाएं।सावधानी:- ठंडे पेय, धूल मिट्टी से बचाव रखें। • एलर्जी गले में एलर्जी की मूल वजह है प्रदूषण। इसके अलावा किसी खास फूड, फूलों के पराग कण, बेडशीट की डस्‍ट, धूल और धुएं से भी ऐसा हो सकता है।लक्षण:- सांस लेने
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